रात में तहसील कार्यालय में बजता है ढोल:कलेक्ट्री परिसर में गूंजती है थाप, एक बुजुर्ग बजाता है ढोल

बांसवाड़ाएक महीने पहले
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बांसवाड़ा तहसीलदार कार्यालय के बाहर ढोल बजाता बुजुर्ग। - Dainik Bhaskar
बांसवाड़ा तहसीलदार कार्यालय के बाहर ढोल बजाता बुजुर्ग।

बांसवाड़ा के तहसीलदार कार्यालय के बाहर रात के अंधेरे में ढोल की आवाज सुनाई देती है। सूने कलेक्ट्रेट परिसर में यह आवाज दूर तक सुनाई देती है। सन्नाटे को चीरती ढोल की आवाज लोगों को अपनी ओर खींचती है, लेकिन अंधेरी गलियों में इक्का-दुक्का लोग ही जाने का साहस दिखाते हैं। तहसीलदार कार्यालय के सामने ही JM कोर्ट और CJM कोर्ट के अलावा पारिवारिक न्यायालय है, जबकि पीछे की ओर कलेक्टर कार्यालय एवं जिला सेशन न्यायालय है। रात करीब साढ़े 10 बजे ढोल बजने की सूचना पर दैनिक भास्कर ने भी इसका सच जानने का प्रयास किया। इस पर पता चला कि आंबापुरा साइड का रहने वाला मानसिंह दिन में शहर में चुनाई का काम करता है। रात को जब वह घर नहीं जा पाता है, तब तहसील कार्यालय में चौकीदार के पास आकर सो जाता है। इसी समय वह यहां पर ढोल बजाकर समय पास करता है। वहीं कभी भजन गुनगुनाता है तो कभी मर्जी के स्थानीय गीत गाता है। लेकिन, खास बात यह है कि इस बात से लेकर हर जिम्मेदार अनभिज्ञ है। तहसीलदार लक्ष्मीनारायण राठौड़ खुद भी इस मामले में अनभिज्ञ हैं।