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  • The Case Of MG Hospital In Banswara, The Student Threatened To Kill Her If She Protested, The Nursing Students Of The Private College, The PMO Wrote A Letter To The Kotwali, The Police Also Kept Hiding The Matter

नाइट ड्यूटी में छात्राओं से छेड़छाड़:एमजी हॉस्पिटल में निजी नर्सिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स ने नर्सिंग की छात्राओं से की अश्लील हरकत, नर्सिंग स्टाफ और पुलिस छिपाती रही मामला

बांसवाड़ा22 दिन पहले
एमजी हॉस्पिटल में जीएनएम छात्राओं से हुई छेड़छाड़।

महात्मा गांधी राजकीय अस्पताल में नाइट शिफ्ट के दौरान जीएनएम (General Nursing and Midwifery) कर रही दो छात्राओं के साथ युवकों ने छेड़छाड़ कर दी। युवक भी नर्सिंग छात्र हैं। किसी निजी नर्सिंग कॉलेज से जुड़े हैं। हॉस्पिटल के सेकंड ग्रेड नर्सिंग स्टाफ ने नाइट शिफ्ट में निजी नर्सिंग इंस्टीट्यूट के इन स्टूडेंट की ड्यूटी लगाई थी। सोमवार सुबह छात्राओं के साथ छेड़छाड़ हुई। हॉस्पिटल का नर्सिंग स्टाफ पूरे दिन मामले को छिपाता रहा। रात में नर्सिंग छात्र यूनियन ने मामले की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस भी पूरे मामले में पर्दा डालते दिखी। शहर कोतवाल रतनसिंह चौहान सोमवार देर रात तक मामले में गोलमोल जवाब देते रहे। हालांकि, हॉस्पिटल की ओर से पीएमओ डॉ. रवि उपाध्याय ने कोतवाल को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा है।

स्टूडेंट नर्सेज एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल और पीड़ित छात्राओं के साथ शहर कोतवाल की बातचीत के दौरान बाहर खड़े एमजी हॉस्पिटल के जीएनएम छात्र।
स्टूडेंट नर्सेज एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल और पीड़ित छात्राओं के साथ शहर कोतवाल की बातचीत के दौरान बाहर खड़े एमजी हॉस्पिटल के जीएनएम छात्र।

स्टूडेंट नर्सिंग एसोसिएशन ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि सेकंड ईयर और फर्स्ट ईयर छात्राओं की रविवार रात को ऑर्थोपेडिक वार्ड में ड्यूटी थी। हॉस्पिटल के नर्सिंग कर्मचारी रणछोड़ डाबी (सेकंड ग्रेड) ने बाहरी नर्सिंग कॉलेज के दो छात्रों को बुलाया और नाइट ड्यूटी लगा दी। इसके बाद रणछोड़ डाबी नाइट ड्यूटी से गायब हो गए। सुबह करीब साढ़े चार बजे छात्रों ने स्टाफ कक्ष में सो रही छात्राओं के कपड़े उठाकर अश्लील हरकत की। छात्राओं ने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी। शोर-शराबे के बीच भीड़ जमा हो गई। तब छात्र भीड़ को धमकाते हुए निकल गए।

परमानेंट स्टाफ ने बनाया दबाव
मामले में सेकंड ईयर की छात्रा ने आरोप लगाया कि सुबह के समय नर्सिंग कर्मचारी रणछोड़ डाबी और रात में मेल वार्ड में ड्यूटी दे रहे थानेश्वर डोडियार वहां आए। दोनों ने उन्हें मामले में चुप रहने की सलाह दी। यूनियन ने आरोप लगाया कि मामले में छात्रों के अलावा खुद रणछोड़ डाबी भी उतने ही कसूरवार हैं। पुलिस भी मामले पर पर्दा डालती रही।

कार्रवाई करो नहीं तो हड़ताल
एसोसिएशन ने पुलिस को दी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि समय रहते पुलिस आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करें, नहीं तो जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर के छात्र और छात्राओं की ओर से धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यूनियन ने कहा कि छात्राओं को न्याय नहीं मिलने तक वह अस्पताल में ड्यूटी नहीं देंगे।

जीएनएम छात्राओं ने रखी शर्तें

  • बाहरी कॉलेज के नर्सिंग छात्रों की ड्यूटी यहां हॉस्पिटल में नहीं लगाई जाए। ऐसे छात्र आए दिन यहां ऐसी हरकत करते हैं।
  • बाहरी नर्सिंग छात्रों की ड्यूटी लगती है तो केवल उन्हीं को ड्यूटी पर रखा जाए। वह भी पीएमओ के आदेश पर।
  • वारदात पर कार्रवाई नहीं करने तक अस्पताल के जीएनएम छात्र भी नाइट ड्यूटी नहीं करेंगे।
  • हर बार जीएनएम छात्राओं के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं, जिन्हें निजी कॉलेजों के द्वारा दबा दिया जाता है। अब यह सब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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