पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

गरबे गाए:गरबे लिखने वाले धनशंकर झा के संग्रह को कहा गया ‘धनजी का धन’

बांसवाड़ा5 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • वर्तमान में नागरवाड़ा के रहने वाले धनशंकर झा के लिखे बैठक गरबे गाए जाते हैं

शहर के नागरवाड़ा के निवासी धनशंकर झा ने कई गरबे लिखे हैं जिसके कारण उनके द्वारा लिखे गरबों को विद्वान स्व. डॉ. नवीनचंद्र याज्ञिक ने धनजी का धन तक कहा है। उन्होंने उनकी संपूर्ण रचनाएं धनजी का धन नामक पुस्तक में संकलित कीं, जिसमें 500 गरबे, 3500 दाेहे, सात अारतियां, 52 वर्णों का कल्पित वर्णाकृतियों के प्रसंग में लिखा है वेद महि ज्यां छु लखा समझीलो तेहनुरूप, ध्यान धरि लखजी बंधे धन माई वर्ण अनूप। 17 जुलाई 1913 काे लाभशंकर नागर अाैर जमुना के परिवार में जन्मे धन शंकर झा ने मां भगवती के िवभिन्न रूपाें का मनाेहारी वर्णन किया है।

साथ ही उन्होंने शरद ऋतु की पूर्णिमा को इंगित करते हुए मां के मुखमंडल को पूर्णिमा के चंद्रमा की तरह बताते हुए उसे अवर्णनीय बताया है। धन शंकर झा ने इनके अलावा सन्यस्त अष्टपदी, वैराग्य अष्टपदी, कर्म एवं भक्ति अष्टपदी, संदेश दशाक की रचना की है। कालिका अष्टक, दुर्गा अष्टक की रचनाएं लिखी हैं। देवी आराधना के सुबह के समय के कई प्रभातिए गरबों की रचना की है। गौरतलब है कि वर्तमान में इन्ही के लिखे बैठक गरबे गाए जाते हैं। जिनमें गुजरात के गरबाें की शैली साफ तौर पर नजर आती है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आप अपने विश्वास तथा कार्य क्षमता द्वारा स्थितियों को और अधिक बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। और सफलता भी हासिल होगी। किसी प्रकार का प्रॉपर्टी संबंधी अगर कोई मामला रुका हुआ है तो आज उस पर अपना ध...

और पढ़ें