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पालोदा में हादसा:पत्नी काे लेने ससुराल जा रहे बुजुर्ग को ट्रैक्टर को ओवरटेक कर आ रही रोडवेज बस ने कुचला, माैत

गनोड़ा14 दिन पहले
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रोडवेज के नीचे फंसे लालशंकर और बाइक को निकालते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
रोडवेज के नीचे फंसे लालशंकर और बाइक को निकालते ग्रामीण।
  • आधे घंटे की मशक्कत के बाद बुजुर्ग को निकाला, ग्रामीणों ने किया हंगामा

पालाेदा कस्बे में पेट्राेल पंप के पास रविवार शाम 4 बजे ट्रैक्टर काे ओवरटेक के चक्कर में राेडवेज ने बाइक सवार काे कुचल दिया। इसमें पालाेदा निवासी 55 वर्षीय लालशंकर पुत्र प्रेमशंकर व्यास की मौत हो गई। लालशंकर घाटोल ससुराल में दो दिन से गई पत्नी प्रेमलता को लेने जा रहे थे।

लालशंकर बाइक से घाटोल ससुराल जा रहे थे, उससे पहले पालाेदा में पंप पर पेट्रोल भरवाने जा रहे थे, तभी सामने से अचानक ट्रैक्टर को ओवरटेक कर तेज रफ्तार से आ रही रोडवेज ने चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयानक था कि लालशंकर की बाइक रोडवेज के आगे वाले हिस्से में फंस गया। जिससे वह घसीटते हुए पीछे वाले टायर में फंस गया। हादसे के बाद आसपास के दुकानदार, पेट्रोल पंप संचालक राजूभाई पंचाल समेत पंपकर्मी दौड़कर आए। उसके बाद रोडवेज के नीचे फंसे लालशंकर को आधे घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकालकर इलाज के लिए ले जा रहे थे कि रास्ते में दम तोड़ दिया।

आक्राेशित ग्रामीणों ने स्टेट हाइवे जाम किया
ग्रामीणों ने बांसवाड़ा-उदयपुर स्टेट हाइवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने इस बात को लेकर आक्रोश जताया कि पेट्रोल पंप पर बेवजह बड़े-बड़े ट्रॉली खड़े रहते हैं। घटना की सूचना पर लोहारिया थाने के एएसआई प्रभुलाल पाटीदार, एएसआई छगनलाल, अंबालाल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश कर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने बताया कि लालशंकर मुंबई में चाय की थड़ी चलाता था। लॉकडाउन के कारण रोजगार बंद हो जाने की वजह से वह घर आ गया था। उसके दो बेटे हैं। एक बेटा उनके साथ मुंंबई में काम करता है और दूसरा बेटा संविदा पर जीएनएन नर्सिंगकर्मी है।

हादसा होते ही चालक और परिचालक भागे, सवारियां पैदल-पैदल बस स्टैंड तक पहुंची
पेट्रोल पंप के ठीक सामने हुए इस भयानक हादसे के बाद रोडवेज चालक और परिचालक मौके से भाग गए। एसआई ने बताया कि वहां खड़े लोगों से चालक व परिचालक के बारे में पूछा तो किसी को पता नहीं था। चालक भाग जाने की वजह से बस में बैठी सवारियां पैदल ही आधे किमी दूर बस स्टैंड पहुंची। जहां से अपनी-अपनी व्यवस्था के हिसाब से गए।

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