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विश्वविद्यालय प्रबंधन भी हरकत में आ गए:यूनिवर्सिटी ने शुरू की निजी काॅलेजाें के स्टाफ की याेग्यता की जांच

बांसवाड़ा18 दिन पहले
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राजभवन से सचिव के कुलपतियों काे निजी काॅलेजाें में स्टाफ की यूजीसी वेतनमान स्केल की सूचना मांगने के बाद निजी काॅलेजाें के साथ विश्वविद्यालय प्रबंधन भी हरकत में आ गए हैं। हालांकि विश्वविद्यालयाें के हाथ में काॅलेजाें में वेतनमान काे निर्धारित करने का अधिकार ताे नहीं, लेकिन स्टाफ की नियुक्ति यूजीसी की याेग्यता के आधार पर की गई है या नहीं इसकी जांच का अधिकार है।

इसी काे ध्यान में रखते हुए गाेविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में भी निजी काॅलेजाें में स्टाफ की शैक्षणिक याेग्यता की जांच के लिए साेमवार काे साक्षात्कार बुलाए गए। इस साक्षात्कार में निजी काॅलेजाें में वर्तमान में कार्यरत स्टाफ काे ही बुलाया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा साक्षात्कार और दस्तावेजाें की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। साेमवार काे कुल 8 प्रिंसिपलों का इंटरव्यू लिया गया। कुल 20 आवेदन प्राप्त हुए हैं। एफिलेशन प्रभारी डाॅ. लक्ष्मणलाल परमार ने बताया कि साक्षात्कार में जाे शैक्षणिक याेग्यता रखता है या 5 साल का शैक्षणिक अनुभव रखता है। वहीं याेग्य रहेगा, याेग्यता नहीं हाेगी ताे उस जगह पर अन्य काे नियुक्त किया जाएगा।

कुलपति प्राे. आईवी त्रिवेदी ने बताया कि शुरूआत बीएड काॅलेजाें से की जा रही है, इसमें प्रिंसिपल के बाद शैक्षणिक स्टाफ की भी याेग्यता देखी जाएगी, जाे याेग्य कार्मिक रहेंगे उन्हें यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी और उन सब की सूची काे वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाएगा। जहां तक वेतनमान की बात है ताे इसका निर्धारण विश्वविद्यालय द्वारा किया जाना संभव नहीं है।

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