लड़की के प्रेमी के परिवार पर किया हमला:लड़के के पिता का सिर फोड़ा, बहन का हाथ तोड़ा

बांसवाड़ाएक महीने पहले
महात्मा गांधी जिला अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में घायल पिता का उपचार करते नर्सिंग कर्मचारी।

प्रेमी के साथ लड़की भागी तो, उसके परिवार को बर्दाश्त नहीं हुआ। समझौता करने के बहाने एक महीने बाद युवक के घर पहुंचे और उसके परिवार पर हमला कर दिया। हथौड़ी और फावड़े से लड़के के पिता का सिर फोड़ दिया। बहन और दुधमुंहे बच्चे की मां का हाथ टूट गया। चिल्लाने की आवाज पर पड़ोसी आ गए। इसके बाद लड़की का पिता, भाई और मां भाग गए। मामला बांसवाड़ा के कसारवाड़ी का है।

गुरुवार रात को रोगी वाहन 108 से बांसवाड़ा जिला अस्पताल पहुंची दुधमुंहे बच्चे की मां, जिसके एक हाथ में गत्ता लगाकर अस्थाई पट्‌टी बांधी हुई है। परिचित की गोद में उसका बच्चा।
गुरुवार रात को रोगी वाहन 108 से बांसवाड़ा जिला अस्पताल पहुंची दुधमुंहे बच्चे की मां, जिसके एक हाथ में गत्ता लगाकर अस्थाई पट्‌टी बांधी हुई है। परिचित की गोद में उसका बच्चा।

दरअसल, जालिमपुरा (कुशलगढ़) में रहने वाले याकुब गरासिया करीब एक महीने पहले पाली गांव में रहने वाली कुसुम नाम की लड़की को भगाकर ले गया था। मामला सामने आने के बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ा तो पीड़ित परिवार ने उन्हें लड़की सौंपने की बात कही। पुलिस की मौजूदगी में युवक ने परिवार को उनकी लड़की सौंप दी। करीब 3 दिन बाद लड़की वापस उसके पिता का घर छोड़कर याकुब के पास रहने आ गई। इसके बाद लड़की का परिवार कुछ कमजोर पड़ा और दोनों पक्षों के बीच फिर से भांजगड़ा हुआ। यहां युवक के परिवार ने लड़की के घरवालों को दहेज के साथ समझौते के रुपए देने तय किया। पीड़ित परिवार के पड़ौसियों ने बताया कि गुरुवार शाम को युवक और लड़की के परिवार में समझौता होने वाली बैठक थी।

रोगी वाहन 108 से उतारने के बाद घायल को स्ट्रेचर से इमरजेंसी में पहुंचाता परिवार।
रोगी वाहन 108 से उतारने के बाद घायल को स्ट्रेचर से इमरजेंसी में पहुंचाता परिवार।

सोते हुए किया हमला
समझौते वाली शाम को युवक याकुब का पिता गौतम (45) पुत्र खातु गरासिया घर में सो रहा था, जबकि यााकुब की बहन घर के आंगन में उसके एक महीने के बच्चे को दूध पिला रही थी। तभी लड़की के पिता हवसिंह, मां रमीला और भाई कमू प्लानिंग से एक हाथ में हथौड़ी और फावड़े का डंडा लेकर घुसे। वहां सो रहे गौतम के सिर पर वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। बाद में आंगन में बैठी बहन, जो उसके दुधमुंहे बच्चे को दूध पिला रही थी। उसके हाथ पर हथौड़ी मारी। याकुब की बहन की एक महीने पहले ही डिलीवरी हुई थी, जो तबसे पिता के घर पर ही थी। याकुब की बहन की शादी खेरपुर गांव के भूरिया परिवार में हुई है। हमलावर परिवार के दूसरे लोगों को भी नुकसान पहुंचाना चाहते थे, लेकिन भीड़ आने से प्लान बिगड़ गया। घायलों को यहां जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इमरजेंसी में घायल को देखता डॉक्टर।
इमरजेंसी में घायल को देखता डॉक्टर।

आदिवासी समाज में लड़के वाले देते हैं दहेज
आदिवासी समाज के अधिकांश परिवारों में शादी के दौरान लड़के पक्ष की ओर से लड़की के परिवार को दहेज देने की परंपरा है। इसी के चलते पहले तो लड़की का परिवार इस मनमाने रिश्ते को लेकर राजी नहीं हुआ। लड़की की जिद पर परिवार समझौते के लिए राजी हुआ। इस पर ही लड़के के परिवार ने परंपरा के तहत लड़की के परिवार को दहेज देने वाले समझौते की हामी भरी थी। घायल गौतम ने बताया कि उनकी ओर से मामले की रिपोर्ट थाने में की जा चुकी है।