दूसरों के लिए मिसाल बने बांसवाड़ा SP:खुद के वाहन से लहूलुहान घायल को लेकर पहुंचे हॉस्पिटल, लोधा में सड़क किनारे पड़ा था युवक, हरकत में आया अस्पताल और कोतवाली स्टाफ

बांसवाड़ा2 महीने पहले
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बांसवाड़ा SP के सरकारी वाहन से घायल मरीज को स्ट्रेचर पर लाने की हुई कोशिश। समीप में नीली शर्ट में एसपी कॉवेंद्रसिंह सागर ने कार का दरवाजा पकड़ा हुआ है। - Dainik Bhaskar
बांसवाड़ा SP के सरकारी वाहन से घायल मरीज को स्ट्रेचर पर लाने की हुई कोशिश। समीप में नीली शर्ट में एसपी कॉवेंद्रसिंह सागर ने कार का दरवाजा पकड़ा हुआ है।

सड़क से लहुलूहान युवक को एमजी हॉस्पिटल पहुंचाकर बांसवाड़ा SP दूसरों के लिए मिसाल बन गए हैं। यहां IPS कावेंद्रसिंह सागर के इस प्रयास ने न केवल एक जिंदगी को बचाया है। बल्कि ऐसे लोगों के लिए भी सीख बने हैं, जो दुर्घटना में घायलों को देखकर अक्सर बचकर निकल जाते हैं। SP सागर की यह मदद उन पुलिस अधिकारियों के लिए भी सीख बनी है, जो अक्सर दुर्घटना के बाद सरकारी वाहन से घायल को पहुंचाने की बजाए ऑटो, एंबुलेंस या अन्य वाहनों की तलाश करते हैं।

एमजी हॉस्पिटल पहुंची SP की कार। खास तो यह रहा कि साहब की गाड़ी देखकर स्ट्रेचर और अस्पताल कर्मचारी भी तुरंत आ गए। आम दुर्घटनाओं में स्ट्रेचर के आने में करीब 20 मिनट न्यूनतम लगते हैं।
एमजी हॉस्पिटल पहुंची SP की कार। खास तो यह रहा कि साहब की गाड़ी देखकर स्ट्रेचर और अस्पताल कर्मचारी भी तुरंत आ गए। आम दुर्घटनाओं में स्ट्रेचर के आने में करीब 20 मिनट न्यूनतम लगते हैं।

दरअसल, मामला बुधवार रात का है, जब SP सागर डूंगरपुर रोड से राउंड लेकर बांसवाड़ा की तरफ आ रहे थे। रात करीब साढ़े 8 बजे उन्होंने लोधा क्षेत्र में उन्होंने सड़क किनारे कुछ लोगों की भीड़ देखी। रूककर कारण पता किया तो देखा किनारे पर एक घायल बेसुध हाल में पड़ा है। उसके कपड़ों पर खून लगा है और बाइक एक ओर पड़ी है। आवश्यकता देख एसपी ड्राइवर की पीछे वाली सीट छोड़कर पास वाली सीट पर आ गए। बीच वाली सीट पर घायल को लिटाकर एमजी हॉस्पिटल पहुंचे। मौके पर SP की उपस्थिति देख कोतवाल रतनसिंह चौहान के अलावा कोतवाली और हॉस्पिटल चौकी पुलिस हरकत में आ गई। तत्काल घायल को ट्रोमा वार्ड में पहुंचाया और उपचार की प्रक्रिया शुरू की। बाद में घायल की पहचान नापला (आंबापुरा थाना) निवासी मनीष (25) पुत्र बद्री डिंडोर के तौर पर हुई है।

ये है सरकारी वाहन।
ये है सरकारी वाहन।

SP बोले मानवता पहले
SP सागर ने बताया कि उन्हें सड़क किनारे के पड़े होने की जानकारी मिली। बिना देर लगाए लोगों की मदद से घायल को वाहन में लिटाया। घायल की पहली प्राथमिकता उपचार है। यह उसे समय पर मिल जाए। इसका हम सभी को ध्यान रखना चाहिए। हर आम आदमी को दुर्घटना में घायल की मदद करनी चाहिए।

उपचार से पहले फोटो खींचने की अनिवार्यता को लेकर व्यवधान खड़ा करता पुलिस कर्मचारी।
उपचार से पहले फोटो खींचने की अनिवार्यता को लेकर व्यवधान खड़ा करता पुलिस कर्मचारी।

भीतर उपचार में पुलिस बाधा
इधर, घायल को ट्रोमा वार्ड में ले जाकर तत्काल उपचार की प्रक्रिया तेज हुई। SP का हवाला देकर पुलिस ने नर्सिंग स्टाफ से बेहतर उपचार की अपेक्षा की। इन प्रयास के बीच कोतवाली थाने के ASI नटवरलाल यहां उपचार से पहले घायल के फोटो लेने में नर्सिंग स्टाफ और सहयोगियों की मदद लेते रहे। इससे उपचार में अनावश्यक देरी हुई।

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