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  • There Was A 20 year old Almond Tree In Pushpa Nagar, The Representatives Of Secure Meter (contracting Agency), Who Told The Councilors To Be Electricity Thieves, Cut The Tree, Even After The Information, The Tehsildar Was Unheard

छंगाई के नाम पर काटा हरा पेड़:पार्षदों को बिजली चोर बताने वाली सिक्योर मीटर एजेंसी के नुमाइंदों ने काटा 20 साल पुराना पेड़, किसी से नहीं ली अनुमति, सूचना के बाद जिम्मेदारों ने की अनदेखी

बांसवाड़ाएक महीने पहले
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पुष्पा नगर में हरे पेड़ को काटा। - Dainik Bhaskar
पुष्पा नगर में हरे पेड़ को काटा।

अजमेर डिस्कॉम के अधीन शहर की बिजली व्यवस्थाएं संभाल रही सिक्योर मीटर (ठेका एजेंसी) अब छंगाई के नाम पर हरे पेड़ों को जड़ से काट रही है। शहर के पार्षदों को बिजली चोर बताकर हाल ही में विवादों में आई एजेंसी की इस हरकत ने लोगों में आक्रोश और बढ़ा दिया है। मंगलवार सुबह 7 बजे एजेंसी कार्मिकों ने यहां पुष्पा नगर में सड़क किनारे खड़े 20 साल पुराने बादाम के पेड़ को जड़ से कुछ ऊपर से काट दिया। खास बात यह है कि बांसवाड़ा तहसीलदार लक्ष्मी नारायण ने भी एजेंसी का नाम पता सामने आने पर मामले की अनदेखी की। सुबह 7.30 बजे सूचना के बावजूद राजस्व विभाग का कोई कर्मचारी 11 बजे तक मौका कार्रवाई करने नहीं आया। इधर, लोगों के विरोध के बाद एजेंसी ने काटे गए पेड़ के सभी सबूत मिटाने की कोशिश की।

पुष्पा नगर में काटा गया पेड़।
पुष्पा नगर में काटा गया पेड़।

संपर्क पोर्टल पर थी शिकायत
इधर, सिक्योर मीटर के इंजीनयर यतीन कोमल ने बताया कि पेड़ों के बीच से बिजली लाइन गुजरने की शिकायत संपर्क पोर्टल पर थी। इस पर एजेंसी की टीम छंगाई करने गई थी। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरा पेड़ काटने के लिए बोल दिया। इसलिए कर्मचारियों ने पेड़ काट दिया। मामले में सिक्योर मीटर के स्थानीय मैनेजर अमित चौहान ने बताया कि छंगाई के नाम पर टहनियां ही काटी जानी चाहिए। ऐसा हुआ है तो गलत है। मामले में तहसीलदार से अनुमति लेने की बात किसी ने नहीं कबूली।

कार्रवाई के दौरान सड़क पर खड़ी एजेंसी की गाड़ी और पीछे गिरा पेड़।
कार्रवाई के दौरान सड़क पर खड़ी एजेंसी की गाड़ी और पीछे गिरा पेड़।

पेड़ काटने की नहीं ली अनुमति
मामले में तहसीलदार लक्ष्मीनारायण ने कहा कि पेड़ काटने की अनुमति उन्होंने तो नहीं दी। अगर, ऐसा है तो किसी को भिजवाकर मामला दिखवा लेते हैं। लेकिन, तहसीलदार के कहने के तीन घंटे बाद भी कोई राजस्व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।