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  • To Bring Relief To The Devotees, Vasudev Of Banswara Reached The Baba Ramdev Temple Of Jaisalmer, 580 Km Away In 7 Days On A Cycle To Plant

5 साल से लगा रहे हैं पौध:श्रद्धालुओं काे राहत मिले इसलिए बांसवाड़ा के वासुदेव पाैधे लगाने के लिए साइकिल पर 7 दिन में 580 किमी दूर जैसलमेर के बाबा रामदेव मंदिर पहुंचे

हेमंत पंड्या|चिड़ियावासा7 दिन पहले
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साइकिल पर पाैधे लेकर जैसलमेर जाते वासुदेव। - Dainik Bhaskar
साइकिल पर पाैधे लेकर जैसलमेर जाते वासुदेव।
  • अब तक 500 से ज्यादा लगाए, ईसरवाला में ही घर में बनाई नर्सरी
  • सेवाभाव देखकर मंदिर समिति भी कर चुकी है सम्मानित

घाटाेल क्षेत्र के ईसरवाला गांव का वासुदेव साइकिल पर 50 पौधे लेकर सात दिन में 580 किमी दूर जैसलमेर के बाबा रामदेव मंदिर पहुंचे। यह पाैधाें काे अब मंदिर के रास्ते में राेपे जाएंगे। वासुदेव ऐसा बीते 5 साल से कर रहा है। अब वह मंदिर रास्ते पर 500 से ज्यादा पाैधे राेप चुके हैं।

खास बात यह है कि इन पाैधाें की देखरेख के लिए वह हर दाे महीने में बेटे के साथ वहा जाता है। इन पाैधाें काे वह बांसवाड़ा में अपने घर के बाड़े में ही नर्सरी बनाकर तैयार करता है। वासुदेव के इस समर्पण काे देख रूणिचा बाबा रामदेव मंदिर समिति भी सम्मानित कर चुकी है। वासुदेव काे अब स्थानीय श्रद्धालुओं का भी सहयाेग मिल रहा है जिन्हाेंने अब इन पाैधाें की देखरेख का जिम्मा संभाला है। वासुदेव 18 साल से बाबा रामदेव मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के रास्ते और आसपास के क्षेत्र में पाैधाें की खासी कमी है। जिससे गर्मी में श्रद्धालुओं काे काफी परेशानी हाेती है। जिसे देखकर उन्होंने पौधे लगाने का निर्णय लिया ताकि श्रद्धालुओं को छाया मिल सके।

मंदिर ट्रस्ट और ग्रामीण कर रहे सहयाेग
वासूदेव के इस सेवाभाव काे देखकर रूणिचा बाबा रामदेव मंदिर समिति ट्रस्ट के मैनेजर छतरसिंह तंवर की ओर से सहयाेग किया जा रहा है। यहां ईसरवाला गांव में पौधों को तैयार करने उनके रखरखाव के लिए जरुरी सामग्री के लिए नीचली माेरड़ी के समाजसेवी भरत डामोर, शहर निवासी गोपाल सोनी, जंताेड़ा निवासी विनोद पांडोर भी मदद के लिए आगे आए हैं।

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