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मार्बल फैक्ट्री में पत्थर के नीचे दबा मजदूर:पास खड़े दो मजदूर बाल-बाल बचे, क्रेन से पत्थर उठाते समय खिसका दूसरा पत्थर, मूल मालिक ने लीज पर दिया हुआ है कारखाना

बांसवाड़ा5 दिन पहले
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पीपलवा इंडस्ट्रीज क्षेत्र की सेतु मार्बल में मजदूर के शव के समीप विलाप करता परिवार। - Dainik Bhaskar
पीपलवा इंडस्ट्रीज क्षेत्र की सेतु मार्बल में मजदूर के शव के समीप विलाप करता परिवार।

पीपलवा औद्योगिक क्षेत्र स्थित सेतु मार्बल फैक्ट्री में मंगलवार शाम पत्थर के नीचे दबे मजदूर की मौत हो गई। समीप खड़े दो मजदूर पत्थर की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। इससे पहले मजदूर विकास (22) पुत्र नानू निनामा, मंगल और ऊंकार यहां तलवाड़ा स्थित माइंस से पहुंचे पत्थर लदे ट्रक को खड़ा करने की जगह बना रहे थे। इस दौरान जमीन पर पड़े पत्थर को जैसे ही क्रेन की मदद से उठाया। पीछे ऊंचाई पर पड़ा हुआ पत्थर एकाएक खिसककर विकास के ऊपर आ गिरा। विकास पत्थर के नीचे दबकर पिचक गया। समीप खड़े अन्य दो मजदूर बिना समय गंवाएं ट्रक पर चढ़ गए। तब कहीं जाकर वह बच पाए। इधर, सूचना के तुरंत बाद ग्रामीण और मजदूर के रिश्तेदार यहां जमा हो गए। माहौल बिगड़ने की सूचना पर शहर कोतवाल रतनसिंह चौहान एवं जाप्ता मौेके पर पहुंचा। शाम करीब पौने 5 बजे हुई घटना में पुलिस सवा 7 बजे शव को एमजी हॉस्पिटल के मुर्दाघर पहुंचाने में सफल हुई।

मार्बल फैक्ट्री में पत्थर के नीचे दबे मजदूर को देखते हुए ग्रामीण।
मार्बल फैक्ट्री में पत्थर के नीचे दबे मजदूर को देखते हुए ग्रामीण।

पुलिस की मौजूदगी में भांजगड़ा
इधर, पुलिस मामले को लेकर पीपलवा के ग्रामीणों के बीच समझाइश करती रही। दूसरी ओर स्थानीय भाजपा नेता हकरू मईड़ा के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के सदस्य फैक्ट्री के मैनेजर के साथ भांजगड़ा करते रहे। शाम करीब 7 बजे फैक्ट्री प्रतिनिधि और पीडि़त परिवार के बीच 9 लाख में भांजगड़ा निपटा। तब कहीं जाकर परिजनों ने मौके से शव को उठाने की अनुमति दी। इसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली। हालांकि, एहतियात के तौर पर यहां कंट्रोल रूम से एमबीसी का जाप्ता बुला लिया गया था।

पत्थरों के बीच से शव को बाहर निकालते हुए ग्रामीण युवक।
पत्थरों के बीच से शव को बाहर निकालते हुए ग्रामीण युवक।

परिवार में अकेला कमाने वाला
मजदूर विकास के परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसकी पत्नी दरिया और दो बच्चियां, जो 3 साल और 6 महीने की है। विकास के पिता नहीं हैं और मां दूसरे भाई के साथ रहती है। यहां मजदूरी के तौर पर विकास को मासिक 10 हजार रुपए मिलते थे, जिससे उसके परिवार का गुजारा होता था। परिजनों ने बताया कि करीब 5 साल पहले विकास की शादी झरी निवासी दरिया के साथ हुई थी।

ये हैं मृतक विकास निनामा।
ये हैं मृतक विकास निनामा।

कुल 6 भाई, 3 इसी फैक्ट्री में
विकास को मिलाकर परिवार में 6 सगे भाई है। सभी अलग-अलग रहते हैं। खेती कम होने के कारण सभी भाई मजदूरी करते हैं। इसमें भी विकास और उसके दो भाई इसी फैक्ट्री में बतौर मजदूर काम कर रहे हैं। रिश्तेदारों ने बताया कि विकास खुद इस फैक्ट्री में बीते 6 साल से काम कर रहा था।
लीज पर दी हुई है फैक्ट्री
पुलिस ने बताया कि सेतु मार्बल फैक्ट्री के मूल मालिक रामप्रसाद मूंदड़ा है, जिन्होंने फैक्ट्री को लीज पर दिया हुआ है। स्थानीय अजय गुप्ता वर्तमान में इस फैक्ट्री का संचालन कर रहे हैं। करीब तीन महीने पहले भी यहां पर एक मजदूर करंट की चपेट में आकर मर गया था। तभी स्थानीय लोगों के बीच भांजगड़ा हुआ था।

पत्थर को खिसकाने के बाद मृत मिले मजदूर के समीप विलाप करते परिजन।
पत्थर को खिसकाने के बाद मृत मिले मजदूर के समीप विलाप करते परिजन।
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