मिलावट पर होगी कार्रवाई:जिले में आज से चलेगा ‘शुद्ध के लिए युद्ध अभियान’

बांसवाड़ा2 महीने पहले
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  • खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग प्रयोगशाला में भेजेंगे अधिकारी, दीपावली तक चलेगा अभियान

त्योहारी सीजन के साथ ही गुरुवार से खाद्य विभाग की ओर से “शुद्ध के लिए, युद्ध अभियान’ चलाया जाएगा। जिससे खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 अक्टूबर से 4 नवंबर (दिवाली) तक यह अभियान चलेगा। त्यौहार पर दूध और उससे बनी मिठाई व खाद्य सामग्री की भारी बिक्री होती है।

ऐसे में खाद्य सामग्री में मिलावट की संभावना बढ़ जाती है। इसे रोकने के लिए विभाग की ओर से प्रदेशभर में दीपावली से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान के तौर पर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप यादव के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है जो जिलेभर में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों के सैम्पल लेकर जांच करेंगे।

यादव ने बताया कि दूध, घी, मावा, मिठाइयां, लस्सी समेत तेल, मिर्च-मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की कार्रवाई की जाएगी। होटल, दुकान, मिष्ठान भंडार से सैंपलिंग की जाएगी। सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। मिलावटी खाद्य सामग्री पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस बार केवल खाद्य सामग्री को लेकर अभियान: खास बात यह है कि इस बार के अभियान में केवल खाद्य सामग्री में जांच के लिए मुख्यालय से आदेश निकाला है। हर साल इस अभियान में रसद विभाग की टीम, कृषि विभाग की टीम, डेयरी विभाग की टीम, नापतौल विभाग की टीम भी शामिल रहती है।

जिसमें पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों की, खाद बीज तक की भी जांच की जाती है। लेकिन इस बार इन विभागों को आदेश नहीं मिला है। हालांकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर से आदेश में अंकित किया है की टीम को अगर ज़रुरत लगे तो वे रसद विभाग, डेयरी विभाग और पुलिस की टीम की भी मदद ले सकती है।

जुर्माना तय, मिलावट साबित हुई तो व्यापारी जेल भी हो सकती है

खाद्य सुरक्षा कानून तहत मिलावटी सामग्री बेचने वाले दुकानदारों पर जुर्माने का प्रावधान है और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। कानून के तहत खुले में बेची जा रही और मिलावटी सामग्री के सैंपल भरने का प्रावधान है। सैंपल फेल होने की स्थिति में दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस स्थिति में 10 लाख रुपए तक जुर्माना और सजा भी हो सकती है।

घटिया स्तर की खाद्य सामग्री बेचने पर 3 लाख रुपए, गलत भ्रम पैदा करने वाले विज्ञापन देने पर 10 लाख, निर्देश का पालन नहीं करने पर दो लाख रुपए, जुर्माना अदा नहीं करने पर एक से तीन साल की कैद का भी प्रावधान है।

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