पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सत्ता का संघर्ष:गहलोत प्रदेशाध्यक्ष थे तब हरिदेव जोशी को देना पड़ा था सीएम पद से इस्तीफा

बांसवाड़ा9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चुनाव कार्यसमिति की बैठक से जाते हरिदेव जोशी, अशोक गहलोत। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
चुनाव कार्यसमिति की बैठक से जाते हरिदेव जोशी, अशोक गहलोत। (फाइल फोटो)
  • 1985 में अशोक गहलोत और हरिदेव जोशी के बीच हुई थी सत्ता और संगठन की खींचतान, हाइकमान तक पहुंची नेतृत्व की शिकायतें

प्रदेश कांग्रेस में सत्ता व संगठन के बीच हमेशा ही छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इस राजनीतिक संघर्ष के कारण सरकार अस्थिर करने की कोशिश भी हाेती रही है। 1993 के बाद बनी सरकारों में कांग्रेस व भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया है। प्रदेश में मार्च 1985 में कांग्रेस सरकार में हरिदेव जोशी मुख्यमंत्री बने थे। उसी दाैरान सितंबर 1985 में अशोक गहलोत कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बन गए।

सत्ता व संगठन में लॉबिंग शुरू हो गई। स्थानीय नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व तक प्रदेश सरकार की सती कांड प्रकरण सहित अन्य कमियों को पहुंचाया। इस पर राजीव गांधी ने हरिदेव जोशी को हटा कर शिवचरण माथुर को मुख्यमंत्री बना दिया। बाद में कुछ समय के लिए अशोक गहलोत प्रदेश में गृहमंत्री बने। गहलोत को पिछले दोनों कार्यकाल मेंं भी पार्टी के एक गुट के असंतोष का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस आलाकमान के वरदहस्त के कारण नाराज विधायक को राजी कर दिया। लेकिन पहली बार ऐसा हाे रहा है कि सत्ता और संगठन के बीच खींचतान में इतनी भारी पड़ी की पीसीसी चीफ काे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

हरिदेव जाेशी के सामने राेकड़िया ने ठाेकी थी ताल, क्राॅस वाेटिंग की राजनीति से हारे

हरिदेव जोशी के काफी करीबी रहे पवन कुमार रोकड़िया ने 1988 के जिला प्रमुख चुनाव में हरिदेव जोशी के सामने ताल ठाेक दी थी। यह वह मौका था जब हरिदेव जोशी अपने राजनीतिक जीवन में चरम पर थे। उस समय 12 जनवरी 1985 से 10 जुलाई 1988 तक पवन कुमार राेकड़िया जिला प्रमुख थे। लेकिन हरिदेव जोशी अब चुनाव में जिला प्रमुख पद के लिए पवन कुमार रोकड़िया के बजाय राधेश्याम खराड़ी को मौका देना चाहते थे, लेकिन राेकड़िया को यह नागवार गुजरा।

उन्होंने उस समय 121 जिला परिषद सदस्याें की राताें रात गुजरात के शामलाजी में बाड़ेबंदी करवा दी और खुद बांसवाड़ा रहकर जिला प्रमुख चुनाव की तैयारियों को अंजाम देते रहे। इस दौरान कांग्रेस के सरदार शमशेर सिंह आदि नेता हरिदेव जोशी के बजाय पवन कुमार रोकड़िया के समर्थन में आ गए। वाेटिंग के दिन राेकड़िया बाड़ेबंदी से सदस्याें काे लाए और एक साथ वाेटिंग करवाई। इसकी सूचना जोशी को मिली तो उन्होंने जनता दल के उम्मीदवार जिथिंग भाई के समर्थन में कांग्रेस के चार लोगों की क्रॉस वोटिंग करवा दी।

पवन कुमार रोकड़िया 4 मतों से जिला प्रमुख का चुनाव हार गए और जनता दल के जिथिग भाई चुनाव जीतकर 23 जुलाई 1988 को बांसवाड़ा के जिला प्रमुख बने। पूर्व जिला प्रमुख पवन कुमार रोकड़िया ने बताया कि उसी समय सभी ने जिला परिषद भवन के सामने बड़ी राजनीतिक बैठक की जिसमें क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के सदस्याें ने अपनी भूल स्वीकार की और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- इस समय निवेश जैसे किसी आर्थिक गतिविधि में व्यस्तता रहेगी। लंबे समय से चली आ रही किसी चिंता से भी राहत मिलेगी। घर के बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन आपके लिए बहुत ही फायदेमंद तथा सकून दायक रहेगा। ...

    और पढ़ें