फर्जी साधुओं की गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार:10 दिन में रुपए डबल करने का लालच देने चोरी की सिम से करते थे काॅल, निरक्षरों काे बनाते निशाना

साबला15 दिन पहले
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पुलिस गिरफ्त मेें ठगी करने के आराेपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त मेें ठगी करने के आराेपी।
  • पूछताछ में उदयपुर जिले में 6 वारदातें करना स्वीकारा, गांवों में कंबल और चद्दर बेचने की आड़ में करते थे रैकी, एक पीड़ित ने ठगी राशि वापस मांगी तो उसे मारने के लिए दौडे़

तंत्र विद्या के जरिए 10 दिन में रुपए डबल करने का लालच देने, साधु वेश धारण कर लाेगाें के घर जाकर ठगी करने वाली फर्जी साधुओं की गैंग का साबला पुलिस ने खुलासा कर दिया है। डूंगरपुर जिले के दाे व बांसवाड़ा जिले के एक आराेपी काे गिरफ्तार किया है। आराेपियाें से प्रारंभिक पूछताछ में उदयपुर जिले में आधा दर्जन वारदात करना सामने आया है।

आराेपी वारदात के दाैरान फर्जी सिम, चाेरी की सिम, चाेरी के माेबाइल फाेन का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सके। वहीं इसका इस्तेमाल लोगों काे फंसाने के लिए करते थे। परिवार व अन्य लाेगाें से इन फर्जी नंबर से बातचीत नहीं करते थे। पुलिस के हाथ लगे एक सुराग से आराेपी पकड़ में आ गए। साबला थानाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता काे देखते हुए एसपी सुधीर जाेशी, एएसपी अनिल कुमार मीणा, डीएसपी भाेमाराम के सुपरविजन में टीम गठित की गई।

इसमें हैड कांस्टेबल गिरीराज सिंह, कांस्टेबल जयपाल सिंह, विपीन कुमार, हर्षवर्धन सिंह, धर्मराज सिंह व दिनेश काे शामिल किया। घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित की तरफ से दिए गए माेबाइल नंबराें की काॅल डिटेल प्राप्त कर अनुसंधान शुरू किया। इस दाैरान जांच में सामने आया कि आराेपियाें की तरफ से इस्तेमाल की गई सिम फर्जी व चाेरी की है। काफी मशक्कत के बाद मुख्य आराेपी साबला फला धाेलीरेड निवासी रमेश पुत्र डकीया मीणा, रंगेली निवासी कांति पुत्र जाेरिया कनिपा, बांसवाड़ा जिले के माेटागांव थाना क्षेत्र के चिराेला निवासी गाेविंद पुत्र लेरिया मीणा काे गिरफ्तार किया।

पूछताछ करने पर वारदात करना स्वीकार किया है। अन्य वारदात खुलने की संभावना जताई जा रही है। पूछताछ के दाैरान सामने आया कि आराेपी फर्जी चोरी के मोबाइल व सीम का उपयोग कर सराडा, झल्लारा (डगार ), जयसमन्द, चावण्ड, कच्छेर (खेरोदा जिला उदयपुर ) तरफ डेरे लगाकर अपने नाम पता छिपा कर गांवों में कंबल चद्दरे बेचना एवं साधु वेश धारण कर भोलेभाले अनपढ़ लोगों को तांत्रिक के जाल में फंसा कर रुपए डबल करने का लालच देकर रुपए ऐंठने का काम करते थे।

काॅल डिटेल की जांच में मिला क्लू, पता भी झूठा बताया, तीन माह तक जांच

साबला पुलिस के पास जुलाई माह में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। वह खुद काे जयसमंद के जगत का हाेना बता कर खुद का नाम बंशी रंगास्वामी बताते। इस पर पुलिस जांच के लिए पहुंची ताे वहां कुछ हाथ नहीं लगा। नाम भी फर्जी निकला व पता भी झूठा निकला। इस केस काे साॅल्व करने के लिए पुलिस टीम करीब तीन माह तक इसकी जांच के लिए डूंगरपुर, बांसवाड़ा व उदयपुर जिले के विभिन्न गांवाें में घुमी।

फर्जी सिम, फर्जी माेबाइल फाेन के जरिये बातचीत करने पर आराेपियाें में गाेविंद व कांति के बीच एक महत्वपूर्ण कनेक्शन हाथ लगा। इस पर पुलिस इसकी जांच में जुटी। काफी बार दबिश देने पर यह हाथ लग सकें। काॅल डिटेल की बारीकी से बार बार जांच करने पर यह गैंग पकड़ में आ सकी। अब पूछताछ में कुछ और वारदात भी खुलने की संभावना जताई जा रही है।

यह था मामला : 5 रुपए का नोट लेकर उसे डबल करने झांसा दिया, फिर 4.50 लाख रुपए ठगे

उदयपुर जिले के सराड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के केजड जाेयरा फला निवासी डूंगर पुत्र पूना मीणा के उदयपुर जिले में स्थित मकान पर मार्च-अप्रेल 2021 काे दो व्यक्ति साधु के भेष में आए। उन्होंने कहा कि बेटा 5 रुपये का नोट देना। इस पर डूंगर ने उन साधुओं को 5 रुपये का नोट दिया। इस पर परिवादी को अपने जाल में फंसा कर कहा कि बेटा तेरा भाग्य खुल गया है क्योंकि तेरा नोट हमें आज बताया जो किसी को मत बताना।

घर में कोई कमी नहीं रहेगी। इसके बाद साधु ने पीड़ित के घर पर बैठ कर चाय पी। एक दूसरे के मोबाइल नंबर लिए। इसके बाद एक दूसरे काे फोन हाेते रहे। एक दिन परिवादी को साधु ने साबला बुलाया और कहा कि कुछ अवरोध हो रहा है इस कारण धाम पर चलना पड़ेगा। इस पर डूंगर मीणा काे साबला बुलाया गया। इस पर साधु वेश धारी दाे व्यक्तियाें ने कहा कि आप अपने मकान से रुपया लेकर आओगे तो उसको 10 दिन में रुपये डबल करके देंगे।

उसी 5 रुपये के नाेट से कई लाेगाें के रुपये डबल कर दिए है। आप भी करवा लो। इस पर डूंगर मीणा ने मना किया। पर लालच व अंधविश्वास के चलते कुछ देर बाद हामी भर दी। दूसरे दिन जाकर उन साधुओं काे 1 लाख 55 हजार रुपए दिए गए। उन्होंने कहा कि 10 दिन बाद डबल रुपये ले जाना।

समय पूरा हाेने के बाद व्यक्ति रुपये लेने लग ताे कहा कि पहले वाले रुपए डबल हाे गए। अब और और रकम लाओ जिस पर मैंने कहा कि अभी नहीं है। अभी आप पर भगवान मेहरबान है। यह कह कर 2.25 लाख और 70 हजार 51 रुपये ले लिए। इसके बाद डूंगर रकम लेने बार बार गया ताे रुपये नहीं दिए।

डूंगर सिंह की तरफ से अपनी तरफ से दी गई 4.50 लाख रुपये की राशि वापस मांगी ताे दाेनाें साधु वेश धारी ठग मारने के लिए दाैड़े। इस पर डूंगर वहां से चला गया। इसके बाद उनसे फोन पर बात करने की कोशिश की है, लेकिन अब नंबर भी बंद आया। इस पर पुलिस काे रिपाेर्ट देकर प्रकरण दर्ज कराया।

यह की वारदात

1. फरवरी में उदयपुर के कच्छेर थाना के खैरोदा में एक शख्स को झांसा देकर उससे 5 लाख की ठगी की।

2. मार्च में सराड़ा में एक बकरी व 500 रुपए की ठगी करना।

3. बटुका थाना सराड़ा निवासी एक व्यक्ति के घर तांत्रिक कार्य करके एक बकरा व 500 रुपए की ठगी की।

4. गेजुआ (लालपुरिया) थाना सराड़ा के घर पर तांत्रिक करके एक बकरा व 500 रुपए ऐठना।

5. संसई थाना सराड़ा में व्यक्ति के घर पर तांत्रिकी कर एक बकरा व 1 हजार रुपए की ठगी करना। इसे डबल करने का लालच देकर साबला बुलाकर ठगी का प्रयास करना।

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