पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

समस्या:सागवाड़ा के चारों तरफ तालाब, पर सब बदहाल, सांसरिया, मसानिया, लौहारिया और गमरेश्वर तालाब पर अतिक्रमण

सागवाड़ा8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • कचरे और मलबे से बिगड़ रहा स्वरूप, क्षेत्रफल घटने के साथ भराव क्षमता हो रही प्रभावित

नगर क्षेत्र में चारों तरफ बडे तालाब गंदगी और अतिक्रमण के शिकार हो रहे है। लोगों द्वारा अवैध रुप से मलबा डालकर इनका नैसर्गिक स्वरूप बिगाड़ने के साथ भराव क्षमता को कम किया जा रहा है। वर्तमान में शहर के तालाब अतिक्रमण की गिरफ्त में आ चुके है। लोगों द्वारा रोजाना किनारों पर मलबा डाला जा रहा है।

नए बोर्ड द्वारा तालाब के सौंदर्यीकरण की बात की जा रही है, प्लान बनाया जा रहा है, आर्किटेक्ट के साथ तालाबों को देखा भी गया है लेकिन तालाब पेटों और किनारों पर मलबा डालने और केबिन लगाकर किए जा रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। इसके चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो रहे है। इन तालाबों के संरक्षण पर खतरा मंडरा रहा है।

गमरेश्वर (गमेला) तालाब : बांसवाड़ा रोड़ पर स्थित यह तालाब 55 बीघा व 7 बिस्वा में फैला हुआ है। यहां पर सामने वाले छोर से हो रहे अतिक्रमण की रोकथाम के प्रयास करने की आवश्यकता है। पर्यावरण और प्रकृति प्रेमी गमरेश्वर तालाब के बीच टापुओं को बर्ड हेरेंनरी के रूप में विकसित करने का सपना देख रहे हैं, लेकिन तालाब के उत्तर - पूर्वी भाग में खेत और खलिहानों की रात के समय खुदाई और भराव किया जा रहा है।

इससे टापुओं पर देशी-विदेशी पक्षियों के लिए मानवीय दखल बढ़ रहा है। इस तालाब में पूरे नगर की नालियों का गंदा पानी मिलने से रोकने के लिए पूर्व और वर्तमान नगरपालिका के बोर्ड द्वारा सिवरेज लाइन का काम करवाकर गंदा पानी तालाब में मिलने से रोकने के प्रयास किए गए थे। लेकिन उसका अपेक्षित फायदा नहीं हो रहा है। तालाब का पानी अब भी प्रदूषित हो रहा है। जिससे तेजी से जलकुंभी बढ़ती जा रही है।

लौहारिया तालाब : नगर का सबसे बड़ा लौहारिया तालाब करीब 116 बीघा और 13 बिस्वा में फैला हुआ है। लेकिन तालाब के किनारे और पेटे में मलबा डाले जाने से मौके पर क्षेत्रफल काफी कम होने के साथ ही उसकी भराव क्षमता भी प्रभावित हुई है। वहीं तालाब के किनारे पर भीखा भाई माही नहर का निर्माण हुआ है।

इस नहर के निर्माण के समय कई खामियां रहने से तालाब में संचित होने वाला पूरा पानी नहर से फिजूल बह जाता था, लेकिन गत साल प्रशासन ने इस समस्या का अस्थाई समाधान किया जिससे वर्तमान में तालाब में पानी ठहरा हुआ है। यह प्रमुख तालाब नगर के लोगों के मांगलिक कार्यों में उपयोगी होने से लोगों की गहरी आस्था इस तालाब से जुडी हुई है। इसके कैचमेंट एरिया, पानी के आवक मार्ग और किनारों सहित कई जगहों पर अतिक्रमण हो चुके है।

मसानिया तालाब : उदयपुर मार्ग पर स्थित यह तालाब 106 बीघा व 12 बीस्वा में फैला हुआ है। तालाब के आसपास इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र की ओर तालाब पेटे के साथ ही ओवरफ्लो वाला रास्ता अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहा है। यह तालाब नगर के बीच में होने से इसका कुछ खास महत्व है।

रथोत्सव मेले में परंपरागत रूप से दो रथों का मिलन इसी तालाब के किनारे पर होता है। इसमें भी लोगों द्वारा मलबा और गंदगी फैकने से स्वरूप बिगड़ रहा है,इसकी भराव क्षमता में भी कमी आ रही है। यहां पाल पर गार्डन विकसित किया जा सकता है। आसपुर रोड़ के किनारे मस्जिद के पास गत साल बारिश में पाल का कुछ हिस्सा ढह गया था, जिसे अब तक दुरस्त नहीं किया जा सका है। वहीं, काई और गंदगी से पानी प्रदूषित हो रहा है।

सांसरिया तालाब का वजूद खतरे में: इसके अलावा आसपुर रोड़ पर नर्सरी के पास सांसरिया तालाब स्थित है। तालाब की पाल से आसपुर - उदयपुर रोड़ निकलता है। इस रोड़ के किनारे पर तालाब में मलबा डाल कर इसे पाटा जा रहा है। ट्रेक्टर ट्रॉलियों से मलबा डालने के बाद इसे समतल कर दिया जा रहा है।

तालाब पेटे से सड़क निकाल कर पीछे की तरफ अतिक्रमण कर कई लोगों द्वारा मकान बनाए जा रहे है। तालाब के चारों तरफ अतिक्रमण हो रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नही की जा रही है। नर्सरी के पास तालाब पेटे में भराव कर एक वाहन धुलाई का गेराज बना हुआ है। इसे कुछ साल पहले प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए ध्वस्त किया था, जो वापस बन गया है। इसके अलावा पाल पर रातों रात कई केबिन लग गए हैं।

बताया जा रहा है कि सांसरिया तालाब की जमीन खातेदारी की है, लेकिन बारिश के पानी का प्राकृतिक भराव क्षेत्र होने से नियमानुसार यहां निर्माणकार्य या भराव नहीं किया जा सकता। काश्तकार पानी सूखने पर खेती करने का ही हकदार रहता है। वहीं पटेलवाड़ा में छोटी तलाबडी की भी दशा खराब है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव - आपका संतुलित तथा सकारात्मक व्यवहार आपको किसी भी शुभ-अशुभ स्थिति में उचित सामंजस्य बनाकर रखने में मदद करेगा। स्थान परिवर्तन संबंधी योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए समय अनुकूल है। नेगेटिव - इस...

    और पढ़ें