बदहाली की तस्‍वीर:राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय का भवन जर्जर, 5 साल से बिजली बिल नहीं भरा

वरदा11 दिन पहले
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 गांव में साल 2002 में बने राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय का भवन पूरी तरह जर्जर हाल हाे चुका है। - Dainik Bhaskar
 गांव में साल 2002 में बने राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय का भवन पूरी तरह जर्जर हाल हाे चुका है।

गांव में साल 2002 में बने राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय का भवन पूरी तरह जर्जर हाल हाे चुका है। वहीं कंपाउंडर के भरोसे होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत वरदा द्वारा निर्मित भवन को 18 से 20 साल हुए हैं। फिर भी पूरे भवन की दीवारों में दरारे, छत का प्लास्टर उखड़ गया है। भवन के पीछे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे भवन के कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार बारिश के मौसम में भवन की पूरी छत से पानी टपकता है। इससे वहां रखी हुई दवाइयां व उपचार में काम आने वाली सामग्री भीग जाती है। इससे विभाग को हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से इसका उपयोग करीब तीन साल से बंद है, फिर भी इस ओर न तो ग्राम पंचायत और नहीं संबंधित विभाग का ध्यान जा रहा है। इस भवन की हालत को देखते हुए कभी भी बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई है।

यहां पर रोज 15 से 20 मरीज इलाज के लिए आते हैं क्योंकि पूरे गांव में एक मात्र चिकित्सालय है। यहा मुख्यतः सर्दी जुकाम, बुखार, उल्टी दस्त एवं मरहम पट्टी के लिए लोग आते हैं। विभाग द्वारा बिजली बिल का भुगतान नहीं होने से बिजली 2016 से बंद है। आयुष कंपाउंडर शांतिलाल परमार ने बताया कि अगस्त 2020 में उपनिदेशक डूंगरपुर को भवन की स्थिति के बारे में अवगत कराया है। भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। कभी भी गिरने की संभावना है।

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