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  • Seven Years Ago, A Private School Teacher Started Mango Cultivation With Education, When He Lost His Job During The Period, The Garden Became A Support.

काेराेनाकाल:सात साल पहले निजी स्कूल के शिक्षक ने शिक्षा के साथ आम की खेती शुरू की, काेराेनाकाल में नौकरी गई तो बगीचा बना सहारा

वरदा18 दिन पहले
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  • 90 ग्राफ्टेड अाम के पेड़ से करीब 20 क्विंटल पैदावर, दाे साल से दलहन अाैर तिलहन की खेती भी

किसान का बेटा कभी भी भूखा नहीं मर सकता है इस बात काे चरितार्थ करके दिखाया है वरदा के युवा बलवीरसिंह ने। उन्होंने एमए बीएड की पढ़ाई के बाद शिक्षा के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के प्रयास किए। इसी दरम्यान अपने परिवार का पालन-पाेषण करने के लिए निजी स्कूल में टीचर की नाैकरी शुरू कर दी। इस समय पैतृक खेती पर परंपरागत खेती काे बदलने के लिए अपनी शिक्षा का उपयोग किया। इसके लिए गांव के कृषि पर्यवेक्षक कैलाशचंद द्विवेदी ने खेती से आय काे बढ़ाने के लिए विस्तृत चर्चा की।

जिसके बाद कृषि पर्यवेक्षक की सलाह पर 7 साल पहले अपने खेताें में 40 ग्राफ्टेड आम के पाैधे लगाए। इसके साथ ही गेहूं और मक्का काे छाेड़कर दलहन की खेती की सलाह शुरू की। इस दरम्यान प्राइवेट स्कूल में शिक्षक की नाैकरी भी करते रहे। अब दाे साल से काेराेना का प्रकाेप आने के कारण नाैकरी से आय लगभग बंद हाे गई। जिसके बाद बलवीर ने अपने खेताें पर ध्यान देना शुरू कर दिया। इसी का परिणाम है कि अब उसे हजाराें रुपए का लाभ हाे रहा हैं। उसे अब अपने खेताें में काम करना भी अच्छा लग रहा है।

अब दलहन और तिलहन पर फाेकस: बलवीरसिंह ने बताया कि भारत में गेहूं उत्पादन में नंबर 1 है। वहीं दलहन और तिलहन में पिछड़ा हुआ है। दालाें में आत्मनिर्भर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष अभियान चल रहा था। इसकी जानकारी मिलने के बाद मिट्टी परीक्षण करते हुए दलहन में मूंग और उड़द की फसल की। वहीं तिलहन में तिल, तारामीरा की फसल की बुवाई दाे साल से कर रहे हैं। दालाें काे 80 रुपए प्रति किलाे की हिसाब से बेचने पर आर्थिक लाभ हुआ हैं।

शुरुआत 50 पौधे लगाकार की थी: बलवीरसिंह ने अपने खेत में 7 साल साल पहले 40 ग्राफ्टेड आम लगाए थे। जिससे किसानों काे आर्थिक लाभ और सुरक्षा अच्छी हाे पाती हैं। इसके लिए उसने ताेतापुरी, दशहरी, लंगड़ा, केसर, बादाम और अन्य किस्मों के आम लगाए। करीब चार साल बाद उन्हें पहली पैदावार मिली। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने 50 पाैधे आम के और लगाए। जिसके बाद उसे फाॅर्म हाऊस पर 90 पाैधाें से करीब 20 क्विंटल आम निकले हैं।

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