बारां में रोडवेज बसें कम होने से यात्री परेशान:बसों के फेरे 85 से घटकर 55 रहे, कई रूटों पर कम हुई बसें

बारां3 महीने पहले
बारां डिपो में रोडवेज बसों की संख्या घटने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार एक तरफ रोडवेज को घाटे से उभारने के लिए जरूरी कदम उठाने के दावे कर रही है। वहीं, दूसरी और रोडवेज बसों की संख्या लगातार घर रही है। बारां डिपो में 4 साल पहले 88 से अधिक बसों को संचालन हो रहा था, जिनकी संख्या घटकर अब 59 रह गई है। इससे रोडवेज के प्रतिदिन के फेरों की संख्या भी 85 से 55 रह गई। इससे कई रूटों पर बसें कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य प्रबंधक सुनीता जैन ने बताया कि करीब 4 साल पहले तक बारां डिपो में 88 से अधिक बसों का संचालन हो रहा था। ऐसे में कोटा, झालावाड़, शाहाबाद, शिवपुरी, खानपुर सहित अन्य रूटों पर करीब 85 फेरे हो रहे थे, लेकिन साल दर साल यहां रोडवेज बेड़े में बसों की संख्या लगातार घटती जा रही है। स्थिति यह है कि अब बारां डिपो में बसों की संख्या 64 ही रह गई है। इनमें से भी 5 बसें कई महीनों से बंद पड़ी हुई हैं। ऐसे में 59 बसों के दिनभर में कुल 55 शेड्यूल चल रहे हैं।

बारां डिपो में कुछ साल पहले तक करीब 88 बसों के संचालन से रोज करीब 10 से 11 लाख रुपए की आय मिल रही थी, लेकिन बेड़े में बसों की संख्या घटने से बारां डिपो का राजस्व भी पहले के मुकाबले घटकर महज पौने 8 लाख रुपए ही रह गए है। बसों की संख्या कम होने का फायदा निजी बस संचालकों को हो रहा है। बसों की संख्या नहीं बढ़ने के कारण यहां रोडवेज की आय तो बढ़ नहीं पाई, लेकिन डीजल के दाम बढ़ने के कारण रोडवेज को राजस्व का नुकसान हो रहा है। बारां डिपो की पांच बसें करीब डेढ़ साल से भी अधिक समय से बंद पड़ी हुई हैं। इन बसों के इंजन में खराबी और अन्य कमियां दुरुस्त नहीं हो पाई है।