अनदेखी:स्मार्ट मीटर योजना का हश्र...तीन साल में लक्ष्य से आधे भी नहीं लगे

बारां2 महीने पहले
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  • उपभोक्ताओं में जागरूकता का अभाव, डिस्कॉम के अधिकारी भी गंभीर नहीं

जयपुर डिस्कॉम की ओर से जिले में स्मार्ट मीटर लगाने में तीन साल पहले शुरू हुई योजना अब तक पूरी नहीं हो पा रही है। जिले के बारां, अंता व मांगरोल में सरकार के तय लक्ष्य के मुताबिक प्रथम चरण में कुल करीब 22 हजार से अधिक कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे। इसके लिए प्रदेश स्तर से ही एक निजी कंपनी को टेंडर दिया है। कई जगहों पर लोगों ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया गया। निगम अधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से बिजली चोरी की रोकथाम व रीडिंग में गड़बड़ी की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू की गई। जिले में सभी श्रेणी के करीब दो सौ यूनिट प्रतिमाह का उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने की मंशा थी। इसके तहत प्रथम चरण की शुरुआत साल 2019 में की गई।

इसके तहत जिले के बारां, अंता व मांगरोल में प्रथम चरण में सिंगल फेज के 19 हजार 174 कनेक्शनों तथा थ्री फेज के 1767 कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य था। इसके लिए निजी कंपनी को टेंडर दिया था। संवेदक कंपनी के कार्मिक स्मार्ट मीटर लगाने गए तो उन्हें लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। सूत्रों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसी के चलते तीन साल में अब तक स्मार्ट मीटर के लिए लोगों को जागरुक नहीं कर पाए। ऐसे में अब तक सिर्फ सिंगल फेज के 9734 तथा थ्री फेज के महज 274 ही कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगे हैं।

उपभोक्ता व निगम दोनों को राहत
स्मार्ट मीटर लगाने की योजना से उपभोक्ता व निगम दोनों को भी लाभ होगा। निगम को संबंधित उपभोक्ता के घर, आॅफिस, दुकान आदि पर विद्युत भार बढ़ने पर आसानी से पता लग जाएगा। विद्युत चोरी पकड़ना भी आसान होगा। उपभोक्ता को वॉल्टेज कम ज्यादा होने या बिजली बंद होने पर निगम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। घर पर लगे स्मार्ट मीटर से सीधे ही कंट्रोल रूम को इसका पता लग जाएगा। विद्युत उपभोग के बिजली बिल की जानकारी ऑनलाईन मिलते रहने पर उपभोक्ता बिल को लेकर अपने हिसाब से प्लानिंग भी कर सकते है।

उपयोगी है मीटर... एप के जरिए ऑनलाइन हो सकेगी उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन की जानकारी
बिजली निगम सूत्रों का कहना है कि स्मार्ट विद्युत मीटर बिजली मित्र एप के जरिए उपभोक्ता के मोबाइल से जोड़े जा सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं के मोबाइल स्क्रीन पर मीटर की स्थिति का पता लग जाएगा। दिनभर में किस समय पर अधिक बिजली का उपभोग हुआ, इसकी भी जानकारी मिल सकेगी। वहीं घर, ऑफिस व दुकान पर विद्युत उपकरण चालू रह जाते हंै तो उसकी जानकारी भी उपभोक्ता मोबाइल पर देख सकता है। इस तकनीक से उपभोक्ता बिजली के उपभोग पर कंट्रोल कर सकेगा।
^जिले में प्रथम चरण में सिंगल फेज के 19 हजार 174 कनेक्शनों तथा थ्री फेज के 1767 कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य था। सिंगल फेज के 9734 तथा थ्री फेज के महज 274 ही कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगे हैं। स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य अब तेजी से चल रहा है। स्मार्ट मीटर को लेकर लोगो को भ्रांतियांे पर ध्यान नहीं देना चाहिए, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को कई फायदे हैं।
- वीके अग्रवाल, एसई, बिजली निगम बारां

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