मौसम का असर:बीमार कर रही गर्मी...छांव में भी डायरिया डिहाइड्रेशन-बुखार की गिरफ्त में आ रहे बच्चे

बारां9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बारां. जिला अस्पताल शिशु वार्ड में 30 बेड के मुकाबले 70 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। अस्पताल के एमसीएच विंग स्थित पीडिया वार्ड में भर्ती बच्चे। - Dainik Bhaskar
बारां. जिला अस्पताल शिशु वार्ड में 30 बेड के मुकाबले 70 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। अस्पताल के एमसीएच विंग स्थित पीडिया वार्ड में भर्ती बच्चे।
  • शिशु वार्ड में 24 के मुकाबले लगे हैं 30 बेड, हालात यह कि एक बेड पर दो-दो बच्चे कर रहे भर्ती

जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप बच्चों को बीमार बना रहा है। तेज गर्मी की चपेट में आकर बच्चे उल्टी, दस्त, बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल शिशु वार्ड में हाल यह है कि 30 बेड के मुकाबले 70 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। हर दिन औसतन 45 से ज्यादा बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। ऐसे में भर्ती बच्चों की संख्या 80 तक पहुंच रही है।जिला अस्पताल शिशु वार्ड में 24 के मुकाबले 30 बेड लगे हैं। वहीं पहली मंजिल पर बने शिशु वार्ड को स्टाफ की कमी से शुरू नहीं किया है।

जिले में तापमान लगातार 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। इसकी चपेट में आकर बच्चे बीमार हो रहे हैं। उल्टी-दस्त, डायरिया, बुखार, डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जिला अस्पताल हर दिन 40 से 50 बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें से 10 से 12 बच्चों को डायरिया, डिहाड्रेशन की शिकायत है। वहीं 12 से 15 बच्चे बुखार पीड़ित पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल शिशु वार्ड में औसतन 70 से 80 बच्चों के भर्ती होने से इंतजाम फेल हो रहे हैं। एक ही बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। बेड नहीं मिलने पर बैंच पर भर्ती करके उपचार दिया जा रहा है।

बेडशीटस तक नहीं बिछाई, एसी भी निकाले: शिशु वार्ड में लगे अधिकांश एसी वहां से निकाल लिए गए हैं। सिर्फ दो एसी लगे हैं, वह भी शोपीस बने हुए हैं। पूरे वार्ड में चार कूलर लगाए गए हैं। ऐसे में गर्मी से बच्चे और तीमारदार बेहाल हैं। बेडों पर बेडशीट तक नहीं बिछाई जा रही है। इससे गर्मी में परेशानी बढ़ रही है।डायरिया और निमाेनिया की गिरफ्त में बच्चे: आंकेड़ा निवासी साढ़े 3 वर्षीय कार्तिक उल्टी दस्त, सीसवाली निवासी 10 माह की खुशी बैरवा निमोनिया, रामपुरिया निवासी 6 माह का कार्तिक बुखार, मेरमा निवासी 9 माह का दिव्यांशु उल्टी-दस्त, रामविलास निवासी 1 साल का प्रिंस उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर भर्ती कराया है। ऐसे ही वार्ड में अन्य बच्चे भर्ती हैं।एक बेड पर दो बच्चे तक भर्ती, संक्रमण का डर: एक ही बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती करने से संक्रमण का खतरा बना हुआ है। यहां निमोनिया और डायरिया पीड़ित बच्चों को एक ही बेड पर भर्ती किया है। ऐसे में एक से दूसरे बच्चे में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। जिला प्रशासन, अस्पताल प्रशासन के दावों के बावजूद अस्पताल में हालात नहीं सुधर रहे हैं।

खबरें और भी हैं...