खिले फूल / 70 वर्ष पुरानी नाडी : दलदल में खिले कमल

बालोतरा. जसोल की भूर की नाडी में दलदल मंे खिले कमल। बालोतरा. जसोल की भूर की नाडी में दलदल मंे खिले कमल।
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बालोतरा. जसोल की भूर की नाडी में दलदल मंे खिले कमल।बालोतरा. जसोल की भूर की नाडी में दलदल मंे खिले कमल।

  • साल-दर-साल पानी से आबाद रहती है भूर की नाडी, सालों से बुझा रही प्यास, पहली बार यहां खिले फूल

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:54 AM IST

बालोतरा. जसोल ग्राम में बनी भूर की नाडी का इतिहास काफी पुराना है। वर्षो से यह नाडी ग्रामीणों व पशुओं के पेयजल का स्रोत बनी हुई है। भीषण गर्मी में भी इस नाडी का पानी कभी सूखता नहीं है। इस वर्ष भूर की नाडी की शोभा बढ़ गई है इसमें कमल के फूल खिलने लग गए हैं। ग्रामीण बताते हैं कि भूर की नाडी के पास ही मनरेगा का कार्य चलता है। इसमें कोई बीज नहीं बोया गया था। मनरेगा कार्य के चलते कहीं से दलदल पानी में आ गया होगा इससे अब वहां कमल के फूल खिलने लग गए हैं जाे आकर्षण का केंद्र है।

जसोल निवासी 71 वर्षीय केवलचंद माली बताते हैं कि जसोल गांव में भूर की नाडी करीब 70 वर्षो पुरानी है। इस नाडी की 10-12 फीट गहराई है। नाकोड़ा की पहाड़ियों से हाेते हुए यहां पानी आता है जो साल भर रहता है।

भीषण गर्मी में भी नाडी कभी सूखती नहीं है इससे आस-पास बस्तियों में रहने वाले लोग व पशु नाडी से पानी बुझाते हैं। जसोल में चार परंपरागत तालाब, नाडी है इसमें सिर्फ भूर की नाडी में ही पानी ठहरता है। माली ने बताया कि बचपन में उन्होंने यह नाडी देखी थी जो छोटी थी बाद में ग्रामीणों के प्रयास पर इसको विकसित किया गया।

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