मासूम के फरिश्ते...:20 दिन के बच्चे को जरूरत थी रेयर बल्ड, ब्लड देने 50 किलोमीटर दूर से अस्पताल पहुंचा युवाओं का ग्रुप, बच गई मासूम की जान

बालोतरा5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

बालोतरा के निजी अस्पताल में भर्ती 20 दिवसीय नवजात जो जिंदगी और मौत के बीच के रास्ते हैं। इस मासूम के लिए ओ नेगेटिव (0-) एवं बिल्कुल फ्रेश और नशा युक्त रक्तदाता का ब्लड की शक्त जरूरत, परिजनों में काफी मशक्कत के बाद रक्त कोष मित्र मंडल को सूचना दी।

संस्थान सदस्य मोहम्मद रमजान ने रक्त दाता से बात की तो रक्त दाता जोगेश्वर डूडी ने बायतु से बालोतरा तक 50 किमी का सफर तय कर रक्त दाता से बात कर तुरंत 40 मिनट में बालोतरा पहुंच रक्तदान कर नवजात को नया जीवन दिया। संस्थान सदस्य एवं नगर परिषद पार्षद कांति लाल हुंडियां ने बताया कि रक्त दाता के मन में जो हौसला रक्तदान के प्रति देखने को मिल रहा है।

जैसे ही सूचना मिली तो रक्त दाता ने गर्मी में बायतु से बालोतरा करीब 50 किलोमीटर का सफर गर्मी एवं लू में बाइक पर सफर तय कर नवजात को जो नया जीवन दिया है। मरीज के पिता कन्हैया लाल ने रक्तदाता और संस्थान सदस्यों का भावुकता से आभार प्रकट करते हुए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की है।

संस्थान सदस्य राजू राम गोल ने बताया कि आज बालोतरा में 3 युवाओं द्वारा रक्तदान किया, जो तीनों ही अति दुर्लभ ब्लड है, जो काफी मशक्कत के बाद मिलता है। रक्तदाता मदन बारूपाल, जोगेंद्र डुडी, करण सोनी ने रक्तदान कर मानवता के मिसाल बने। गोल ने बताया की अपनों के लिए जिंदगी हर कोई जीता है दूसरों के लिए जो जीये वो महामानव है।

ऐसी ही रक्त कोष मित्र मंडल बालोतरा के साथ अन्य क्षेत्रों में देवदूत रूप कार्य कर रही है। रक्तदान कार्यक्रम में ब्लड बैंक कर्मचारी ममता देवी, मंजू,बबलू हंस, लक्ष्मण पटेल, राजूराम गोल, मो रमजान, पार्षद कांति लाल हुंडिया सहित सदस्य मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...