कोरोना ने बढ़ाई कारोबारियों की चिंता:विवाह समारोहों में लोगों की संख्या सीमित होने से गिरी कपड़े की मांग, मजदूरों को सता रहा रोजी का संकट

बालोतरा8 दिन पहले
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कोरोना की तीसरी लहर से वस्त्र नगरी बालोतरा के कपड़ा कारोबारी चिंतित हैं। कारोबारियों का कहना है कि कपड़ा तैयार करने का सामान महंगा होने के कारण पहले ही इसकी बिक्री कम हो रही थीl अब मलमास के बाद विवाह सीजन शुरू होने से पहले ही कोरोना ने कारोबार प्रभावित कर दिया है। रात्रि कर्फ्यू और शादी-विवाह व अन्य आयोजनों में लोगों की संख्या सीमित होने से कपड़े की मांग भी गिर गई है।

बालोतरा में छोटी-बढ़ी सब मलाकर 700 से अधिक वस्त्र इकाइयां हैं। यहां की फैक्ट्रियों में पोपलीन, रूबीया, साड़ी, मैक्सी, नाइटी, चीट, चाटन ,रुमाल आदि तैयार किए जाते हैं। इन इकाइयों में रंगाई, छपाई का कार्य भी प्रमुखता से किया जाता है। यहां तैयार होने वाला कपड़ा गुजरात, यूपी, महाराष्ट्र, एमपी सहित देश के कई राज्यों में भेजा जाता है।

कारोबारियों को थी अच्छे कारोबार की उम्मीद

क्षेत्र के कारोबारियों को वैवाहिक सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद थी। इसके लिए उन्होंने कच्चा माल खरीदकर रख लिया था। बालोतरा की फैक्ट्रियों से लगभग 45 से 50 हजार मजदूर रोजगार मिलता है। वे इसी पर आश्रित होकर अपने परिवार का पोषण कर रहे हैं।

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