भास्कर सवाल:2 साल में मालखाने के 4 इंचार्ज बदले, 1058 किलो डोडा पोस्त चोरी, 5 माह एएसपी ने की जांच, अब मामला दर्ज

बालोतरा20 दिन पहले
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बालोतरा . पुलिस थाना पचपदरा। - Dainik Bhaskar
बालोतरा . पुलिस थाना पचपदरा।
  • पचपदरा थाने के मालखाने से डोडा चोरी हुआ या फिर पुलिस ने ही चुरा लिया, संदेह गहराया

पचपदरा पुलिस थाने के मालखाने में रखा 1058 किलो डोडा-पोस्त ही चोरी हो गया तो आमजनता सुरक्षा की क्या उम्मीद कर सकती है। यह मामला तब सामने आया जब मालखाने के इंचार्ज ने एक-दूसरे को चार्ज बदला तो पकड़े गए डोडा पोस्त के कट्टे गायब थे। इसकी सूचना पर बाड़मेर एसपी ने मामले की जांच बालोतरा एएसपी नितेश आर्य को दी। 5 माह की विभागीय जांच में सामने आया कि मालखाना की खिड़की टूटी होने से कोई अज्ञात चोर डोडा पोस्त चुरा ले गया।

अब थानाधिकारी प्रदीप डागा ने मालखाना से डोडा-पोस्त चोरी होने का मामला दर्ज करवाया है। इसके बाद सवाल ये भी उठ रहा है कि आखिर पुलिस थाने के माल खाने से वास्तव में डोडा पोस्त चोरी हुआ हैं या फिर पुलिसकर्मियों ने ही डोडा पोस्त को गायब कर दिया और अब स्टॉक नहीं मिलने पर मामला दर्ज करवाकर इतिश्री कर दी। पचपदरा थानाधिकारी प्रदीप डागा ने रिपोर्ट में बताया कि पुलिस थाना पचपदरा पर पूर्व में पदस्थापित मालखाना इंचार्ज रुपसिंह का एचसी से एएसआई पद पर पदोन्नति होने पर अस्थाई चार्ज धन्नाराम को दिया गया। धन्नाराम का स्थानांतरण होने से मालखाना जगदीशसिंह को सुपुर्द किया गया।।

नियमानुसार जगदीशसिंह द्वारा जरिए चार्ज लिस्ट के मालखाना का पूर्ण चार्ज नहीं लेने से तथा जगदीश के स्थानांतरण के बाद स्थाई चार्ज पदम पुरी को दिया गया। इस पर पूर्व इंचार्ज रुपसिंह ने 23 अप्रैल 2021 को पुलिस थाना पचपदरा आकर चार्ज सुपुर्द करते हुए बताया कि मालखाना में प्रकरण संख्या 106/2019 व 177/2019 में जब्त डोडा-पोस्त गायब है। कुल 52 कट्टों में भरा 1058 किलो डोडा-पोस्त चोरी हो गया हैं। मालखाना की खिड़की टूटी होने से चोरी का संदेह है। डेढ़ साल बाद क्यों पता लगा कि डोडा चोरी हुआ है। अब मामला वायरल हुअ बालोतरा डीएसपी धनफूल मीणा जांच कर रहे हैं।

ढाई साल पहले बागुंडी सरहद से बरामद किए थे 31 कट्टे डोडा पोस्त
पुलिस थाना पचपदरा में 6 अप्रैल 2019 को दर्ज प्रकरण संख्या 106 के तहत तत्कालीन एसआई रुपाराम मय टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप भीमरलाई सरहद में नाकाबंदी की। इस दौरान इनाेवा कार में सवार होकर आ रहे चालक को रुकवाने की कोशिश तो वो गाड़ी भगाने लगे। इस पर पुलिस टीम के पीछा करने पर गाड़ी में बैठे दो युवकों में से एक युवक ने पिस्टल लहराते हुए मौके से भाग गए। इस पर गाड़ी को बरामद कर जांच की तो गाड़ी में 31 कट्टों में डोडा-पोस्त भरा मिला। वहीं गाड़ी के आगे की सीट से मैग्जीन बरामद की।

3 थानों की पुलिस ने पीछा कर पकड़े थे 21 कट्टे

23 अगस्त 2019 को दर्ज प्रकरण सं. 177 के अनुसार सिवाना सरहद में पुलिस की जीप को टक्कर मारकर नाकाबंदी तोड़कर भागे आरोपियों का स्पेशल टीम बाड़मेर सहित तीन थानों की टीम पीछा कर रही थी। इस दौरान सुबह के समय मूंगड़ा गांव के सरकारी स्कूल के समीप बदमाशों की कार ने खड़ी दो बाइकों को टक्कर मारी। इतने में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखकर आरोपियों ने पुलिस पर फायर किए थे।

स्टाफ पर संदेह, डेढ़ साल बाद रिपोर्ट क्यों?

पुलिस थाने जैसी जगह से डोडा-पोस्त चोरी होना पुलिस की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लाता है, क्योंकि रुपसिंह के पदोन्नत होने व मंडली थाना में चार्ज लेने को लेकर डेढ़ साल से अधिक समय गुजर चुका है। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि इस दरम्यान कभी पुलिस ने मालखाना की खबर ही नहीं ली या फिर किसी स्टाफ के मिलीभगत के चलते माल पार करने की बात को स्टाफ की वजह से छिपाती रही। हालांकि पुलिस थानाधिकारी की रिपोर्ट के बाद यह मामला जांच का विषय है।

मालखाना का स्थाई चार्ज नहीं देने से स्टाफ ने इसकी जानकारी नहीं ली। बाद में रुपसिंह के पदमपुरी को स्थाई चार्ज सुपुर्द किया, तब मालखाने की जांच की गई। इस दौरान 10 क्विंटल डोडा-पोस्त चोरी होना सामने आया है। इस पर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है, मामले की जांच डीएसपी कर रहे हैं।- प्रदीप डागा, थानाधिकारी पचपदरा

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