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अवैध खनन:बजरी के अवैध खनन व परिवहन पर खान विभाग सख्त, 30 दिन में 40 वाहन सीज, 70 लाख जुर्माना वसूला

बालोतरा7 दिन पहले
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बालोतरा . चैक पोस्ट पर वाहन रुकवाते टीम के कार्मिक। - Dainik Bhaskar
बालोतरा . चैक पोस्ट पर वाहन रुकवाते टीम के कार्मिक।
  • बिना रवन्ना व ओवरलोड वाहनों की जांच, 800 डंपर की बजाय अब रोजाना सिर्फ 150 डंपरों से बजरी का परिवहन

स्वरुपसिंह सोढ़ा |

अवैध खनन की रोकथाम को लेकर प्रदेश सरकार के आदेश के बाद जिले भर में स्थापित की गई चैक पोस्टों के बाद बजरी के अवैध खनन व परिवहन पर काफी हद तक अंकुश लग पाया है। इसे इस बात से समझा जा सकता है कि जहां डेढ़ महीने पहले जिले से गुजरने वाली मरुगंगा लूणी नदी में माफिया 50 से 60 जगहों पर अवैध खनन कर चांदी कूट रहे थे, वहीं आज इक्का-दुक्का जगहों पर रात के समय चोरी छिपे खनन करने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

हालांकि इन शिकायतों के बाद खनन विभाग की टीम माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बार-बार दबिश दे रही है, लेकिन माफियाओं के नदी तक पहुंचने वाले मार्ग पर जगह-जगह पर अपने आदमी लगा रखे हैं, जो खनन विभाग या पुलिस की गाड़ी को देखते ही तुरंत सूचना दे देते हैं, जिस पर टीम के पहुंचने से पहले ही माफिया वहां से मशीनें लेकर रफूचक्कर हो जाते हैं।

इसके साथ ही जिले में एक महीने पहले 12 जगहों पर लगाई गई चैक पोस्टों पर अब ओवरलोड परिवहन रुकने के साथ ही वाहन चालकों के रवन्ना लेकर परिवहन करने पर विभाग को राजस्व की भी अच्छी प्राप्ति हो रही है। उल्लेखनीय है कि बिना पर्यावरण अनुमति के हो रहे खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 से प्रदेश में बजरी खनन पर रोक लगा रखी है।

इसके चलते बजरी कार्य में औंधी कमाई को देखते हुए बड़ी संख्या में खनन माफिया सक्रिय हो गए। बाड़मेर जिले की सरहद रामपुरा से लेकर सिणधरी से होते हुए गुड़ामालानी तक लूणी नदी में सैकड़ों खनन माफिया अवैध खनन में लग गए। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने खातेदारी भूमि में लीजे आवंटित की, लेकिन इसके बावजूद भी अवैध खनन रुकने की बजाय और बढ़ता गया।

इससे जहां एक ओर राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, साथ ही लूणी नदी में गहरे खड्डे कर इसे छलनी किया जा रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने जुलाई में प्रदेश भर में अवैध खनन को रोकने के लिए खनन विभाग के निर्देशन में पुलिस के साथ ही पूर्व एलओई धारक को चैक पोस्टें स्थापित कर आदेश जारी किए गए। इस पर अगस्त माह से बाड़मेर जिले में कुल 12 पोस्टें स्थापित की गई।

पोस्ट पर तैनात टीमें बजरी परिवहन में लगे वाहनों को रुकवाकर उनसे रवन्ना व ओवरलोड की जांच कर रही है। इनमें ओवरलोड व बिना रवन्ना जाने वाले वाहनों को जब्त कर जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में खनन विभाग की सख्ती के चलते गत एक माह में 40 से अधिक वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 70 लाख रुपए जुर्माना वसूली की गई हैं।

4 साल में अवैध खनन के 1148 प्रकरण दर्ज, 10 करोड़ रुपए जुर्माना वसूला, जिले में 12 पोस्टें स्थापित
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में 16 नवंबर 2017 को बजरी खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इसके चलते जिले में बड़े स्तर पर माफिया अवैध खनन के काम में जुट गए। इसे लेकर वर्ष 2017 से अब तक खनन विभाग ने बजरी के अवैध खनन/निर्गमन/भंडारण के खिलाफ 1148 प्रकरण बनाकर कुल 850.71 लाख रुपए की जुर्माना वसूली की है। वहीं पर्यावरण क्षतिपूर्ति (एनजीटी) राशि कुल 141 लाख रुपए की वसूली की गई। इसके साथ ही 16 जनों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई गई।

12 अगस्त से स्थापित चैक पोस्ट के बाद बजरी खनन पर लगा अंकुश
सरकार के आदेश के बाद जिले में पचपदरा, गुड़ामालानी व सिणधरी क्षेत्र में कुल 12 चैक स्थापित की गई है, जहां पर बिना रवन्ना व ओवरलोड वाहनों को रुकवाकर जांच की जा रही है। 12 अगस्त से स्थापित चैक पोस्टों के बाद एक महीने के भीतर खनन विभाग ने 40 से अधिक वाहनों को सीज करने की कार्रवाई के साथ ही 70 लाख रुपए की जुर्माना वसूली की है। इसके साथ ही वर्तमान में 13 खनन पट्टों में बजरी खनन व निर्गमन की जांच के बाद खनन विभाग ने करीब 4 करोड़ रुपए की जुर्माना वसूली की है। वहीं लूणी नदी में अवैध खनन करने वाले मार्गों पर जेसीबी खाईयां खुदवाई गई है।

800 की जगह अब रोजाना 100 से 150 डंपरों से हो रहा परिवहन
जिले में चैक पोस्टें स्थापित होने के बाद अवैध खनन व परिवहन पर काफी हद तक अंकुश लग पाया है। रामपुरा से लेकर बागुंडी तक प्रतिदिन करीब 800 से 1000 हजार प्रतिदिन बजरी का परिवहन किया जा रहा था। वहीं अब खनन विभाग की सख्ती के चलते दिन भर में महज 100 से 150 डंपर बजरी का परिवहन हो रहा है। इसके साथ ही रॉयल्टी कटवाकर व अंडरलोड परिवहन होने से विभाग को राजस्व की भी प्राप्ति हो रही है। जबकि इससे पहले सभी जगहों पर बिना रवन्ना लेकर ओवरलोड वाहनों का धड़ल्ले से परिवहन करने से जहां एक ओर से विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा था, वहीं लूणी नदी में गहरे गड्‌ढे खोदने से पर्यावरण को भी क्षति पहुंचाई जा रही थी।

सरकार के आदेश के बाद जिले में करीब 12 जगहों पर चैक पोस्टें स्थापित की गई है। वहीं जिले भर में अवैध खनन व परिवहन को लेकर टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। गत एक माह में करीब 40 वाहनों को जब्त करने के साथ 70 लाख जुर्माना राशि वसूल की गई है। बजरी के अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।
- गगनेश उपाध्याय, फोरमेन, खनन विभाग बाड़मेर।

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