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प्रचार प्रसार का अभाव:एक छत के नीचे सभी सुविधाओं के लिए लगी ई मित्र प्लस मशीनें बेकार

भीखोड़ाई2 दिन पहले
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  • प्रचार प्रसार के अभाव में ग्रामीणों द्वारा नहीं लिया जा रहा है उपयोग में

आधुनिक तकनीक के माध्यम आमलोगों को एक ही छत के नीचे सभी तरह की सरकारी और निजी सेवा मिले। इसी उद्देश्य से पिछली सरकार की ओर से शुरू की गई ई-मित्र प्लस मशीनें विभागीय कार्यालयों व भणियाणा उपखंड की पंचायतों में शो-पीस बन कर धूल फांक रही गई है। बावजूद इसकी कोई सुध नहीं ले रहा है। आमजन में जागरुकता व जानकारी के अभाव में एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक इन मशीनों का ग्रामीण उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों में सरकार की ओर से हर ग्राम पंचायत में एक-एक ई-मित्र प्लस कियोस्क मशीन लगाई थी। लेकिन ग्रामीण इलाकों में जागरुकता के अभाव में सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद आमजन को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी कार्यालयों पंचायतों में यह मशीनों के शुरू होती तो लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते मगर विभागीय लापरवाही से मशीनें उपयोग में नहीं आ रही है।ई-मित्र प्लस मशीन दिखने में एटीएम जैसी दिखाई देती है। इसमें 32 इंच एलईडी के साथ मॉनिटर डिवाइस, वेब कैमरा, कैश असेप्टर, कार्ड रीडर, मैटलिक की बोर्ड, रसीद के लिए वार्मल प्रिंटर, लेजर प्रिंटर आदि मौजूद हैं। मशीन में मौजूद वेब कैमरे से आम नागरिक उच्चाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत भी कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार एक ई-मित्र प्लस मशीन की अनुमानित लागत 2 लाख 15 हजार रुपए बताई जा रही है।

आमजन को अपने विभागीय कार्यों के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़े इसलिए इस मशीन से गिरदावरी, जमाबंदी की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र का प्रिन्ट, बिजली-पानी बिल जमा करने सहित अनेक प्रकार की सरकारी व निजी सेवाएं आधुनिक तकनीक के माध्यम से देने के लिए राज्य सरकार ने ई-मित्र प्लस योजना पिछली सरकार ने चलाई थी इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों व सरकार के विभागीय कार्यालयों में मशीनों को भेजा गया था। इसके अलावा इन मशीनों के माध्यम से पानी-बिजली, गैस, पोस्टपैड मोबाइल सहित सभी तरह के बिल भी जमा करा सकते हैं। बिल राशि का पेमेंट एटीएम की तरह कार्ड से होता हैं। यही नही एटीएम की डिपोजिट मशीन की तरह कैश डालकर भी बिल जमा किया जा सकता है।

इसी के साथ ही मशीन पर सभी प्रकार के प्रमाण-पत्र भी प्रिंट लिए जा सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उपभोक्ता का इससे मिलने वाली सेवाओं का चार्ज कम से कम 10 रुपए व अधिक से अधिक 50 रुपए तक रखा हैं। पंचायत समिति भणियाणा की लगभग सभी ग्राम पंचायतों मशीनें बंद पड़ी है और धूल फांक रही हैं। यहां पर इन मशीनों का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। बावजूद जिम्मेदारों को इससे कोई सरोकार नहीं दिख रहा है।

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