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बाल श्रम जागरूकता सप्ताह:बाल श्रम बच्चों की शिक्षा में बड़ी रुकावट, मुख्य कारण गरीबी: काजला

चौहटन2 महीने पहले
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कमठा मजदूर यूनियन चौहटन तथा नेहरू नवयुवक मंडल चौहटन के संयुक्त तत्वावधान में बाल श्रम जागरूकता सप्ताह के समापन के अवसर पर स्थानीय कमठा मजदूर यूनियन के सभागार में तहसीलदार गणेशाराम जयपाल, विकास अधिकारी छोटू सिंह काजला, उपसरपंच तथा जैन श्री संघ के अध्यक्ष हीरालाल धारीवाल, कमठा मजदूर यूनियन के सचिव महेश सिंह राजपुरोहित, उपाध्यक्ष हेमाराम फुलवरिया, नेहरू नवयुवक मंडल के सचिव मग सिंह राजपुरोहित, प्रकाश माहेश्वरी, विकास धारीवाल के सानिध्य में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

तहसीलदार गणेशाराम जयपाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों में बाल श्रमिकों की दर में कमी आई है। इसके बावजूद बच्चों को कुछ कठिन कार्य में अभी भी लगाया जा रहा है। भारत में विभिन्न उद्योगों में बाल मजदूरों को काम करते हुए देखा जा सकता है, जैसे की ईंट भट्‌टे पर काम करना, गलीचे बुनना, कपड़े तैयार करना ,घरेलू काम आदि। बाल मजदूरी और शोषण के कई कारण हैं, इनमें मुख्य कारण गरीबी है।

विकास अधिकारी छोटू सिंह काजला ने कहा कि बाल मजदूरी बच्चों से स्कूल जाने का अधिकार छीन लेती है और यह पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी के चक्रव्यूह से बाहर नहीं निकल पाते हैं। बाल मजदूरी शिक्षा में बहुत बड़ी रुकावट है। इससे बच्चों को स्कूल जाने में उनकी उपस्थिति और प्रदर्शन पर खराब प्रभाव पड़ता है।

उपसरपंच हीरालाल धारीवाल ने कहा कि हम सबको जागृत होकर बाल श्रम निषेध के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। कमठा मजदूर यूनियन के सचिव महेश सिंह ने कहा कि बाल मजदूरी तथा शोषण के एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से रोके जा सकते हैं।

प्रकाश माहेश्वरी ने कहा कि बाल सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के साथ-साथ गरीबी तथा समानता जैसे मुद्दों गुणात्मक शिक्षा के बेहतर अवसरों, बच्चों के अधिकार के लिए जन सहयोग जुटाने में मदद करते हैं। नेहरू नवयुवक मंडल के सचिव मगसिंह राजपुरोहित ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य लोग भी बच्चों के हितों की रक्षा के लिए आगे आ सकते हैं।

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