सरकार के दावे का हकीकत:नवनिर्मित ग्राम पंचायत में सरकारी विद्यालय नहीं होने से बेटियां शिक्षा से वंचित; कोनरा विलायतशाह में एक भी सरकारी स्कूल नहीं

चौहटन12 दिन पहले
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कोनरा विलायतशाह ग्राम पंचायत का प्राथमिक विद्यालय, जो मर्ज कर दिया गया था। - Dainik Bhaskar
कोनरा विलायतशाह ग्राम पंचायत का प्राथमिक विद्यालय, जो मर्ज कर दिया गया था।

प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उमा विद्यालय खोलने जाने को लेकर सरकार दावे कर रही है, जबकि हकीकत में कई ग्राम पंचायतों में विद्यालय ही नहीं है। ऐसी ही एक ग्राम पंचायत है चौहटन पंचायत समिति की कोनरा विलायत शाह। इस ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक भी सरकारी विद्यालय नहीं है, इसके कारण बच्चों को दूसरे गांव पढ़ने के लिए जाना पड़ रहा है। स्कूल के अभाव में बेटियां दूर स्कूल जा ही नहीं पाती है।

कोनरा विलायत शाह ग्राम पंचायत में एक प्राथमिक विद्यालय था, इसे 2016-17 में विद्यालय एकीकरण के कारण बंद कर दिया गया था। इस कारण गांव के सभी बालक बालिकाएं दूसरी ग्राम पंचायत कोनरा में जाकर पढ़ाई करते हैं। जो इस ग्राम पंचायत से तीन किमी दूर पड़ता है, इसके कारण छोटे छोटे बच्चे बीच में ही विद्यालय छोड़ देते हैं। पंचायतों के पुनर्गठन के बाद कोनरा पंचायत से अलग होकर कोनरा विलायतशाह नवीन ग्राम पंचायत बनी। नवगठित ग्राम पंचायत में अल्पसंख्यक बाहुल्य के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति के परिवार रहते है।

नवगठित ग्राम पंचायत में कोनरा विलायतशाह के अतिरिक्त मंगलासर, रतनपुरा, थोरियों का तला, अमरावास तथा राजनगर राजस्व गांव है। इन सभी राजस्व गांव में प्राथमिक विद्यालय है, लेकिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर छात्र-छात्राओं के शिक्षा अर्जित के लिए शिक्षा का कोई साधन नहीं है। इस संबंध में कई बार ग्रामीणों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चौहटन व जिला शिक्षा अधिकारी और प्रशासन गांवों के संग अभियान में ज्ञापन दिया लेकिन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

  • ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सरकारी विद्यालय नहीं होने से छात्र छात्राओं की पढ़ाई बाधित होती है। - शायर मोचार,ग्रामीण कोनरा विलालशाह।
  • ग्राम पंचायत मुख्यालय पर विद्यालय खोलने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखित में सूचना दे दी गई है। - लक्ष्मण सोलंकी, मुख्य खंड शिक्षा अधिकारी, चौहटन
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