पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

राहत की खबर:130 कंसंट्रेटर से 200 मरीजों को मिलेगी सांसें, दूसरी लहर की पीक की तैयारी

जैसलमेर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • जवाहर अस्पताल में सभी बेड फुल, अशसागोपा स्कूल में बनेगा सौ से ज्यादा बेड का कोविड अस्पताल, कलेक्टर ने एयरफोर्स से मंगवाए 70 बेड

जैसलमेर में आए दिन मरीजों के ग्राफ में बढ़ोतरी के साथ ही मौतों का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। इस बीच दूसरी लहर का पीक भी आने वाला है तो प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल अस्पताल में जितने संसाधन है उतने मरीज हो चुके हैं, ऐसे में अब यदि मरीज बढ़ते हैं तो हालात बिगड़ने की पूरी आशंका रहेगी।

पीक को देखते हुए कलेक्टर आशीष मोदी ने अपने प्रयासों से करीब 130 कंसंट्रेटर मंगवा लिए हैं। जैसलमेर में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए कंसंट्रेटर की व्यवस्था की जा रही है ताकि इमरजेंसी में कंसंट्रेटर का सहारा मरीजों को मिल सके और उनकी सांसों की डोर टूटे नहीं।

एक तरफ जहां हर चीज को लेकर मारामारी चल रही है वहीं कलेक्टर के प्रयासों से एक साथ 130 कंसंट्रेटर जैसलमेर को मिल रहे हैं। हालांकि इसमें बजट चिकित्सा विभाग का है लेकिन कलेक्टर ने खुद पहल करते हुए एक साथ इतने कंसंट्रेटर मंगवाए हैं ताकि यदि मरीज बढ़ते हैं तो उन्हें यहीं पर सुविधा मिल सके।

तैयारियां: कलेक्टर ने अस्पताल निरीक्षण के बाद लिया निर्णय, स्कूल में बनेगा कोविड अस्पताल

अस्पताल के ठीक सामने अमर शहीद सागरमल गोपा स्कूल है। इस स्कूल में फिलहाल कोविड सेंटर की तैयारी की गई है। एयरफोर्स से 70 बेड मंगवाकर लगाए गए हैं। आगामी दिनों में यहां 100 से भी ज्यादा बेड लगाने की योजना है। गौरतलब है कि पिछले दिनों जब कलेक्टर आशीष मोदी ने जवाहर अस्पताल का निरीक्षण किया तो वहां सभी बेड लगभग फुल थे।

ऐसे में उन्होंने तुरंत सामने स्थित स्कूल को कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया। इसी कड़ी में कंसंट्रेटर भी मंगवाए गए हैं। वर्तमान में अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी चल रही है। जनरेशन प्लांट से केवल 30 से 35 मरीजों को ही ऑक्सीजन दी जा सकती है। शेष मरीजों के लिए रोजाना 50 से 60 सिलेंडर की खपत हो रही है। यदि खपत बढ़ती है तो मुश्किल हो सकती है। ऐसे में कंसंट्रेटर उपलब्ध होने से काफी राहत मिल सकेगी।

एक साथ 200 मरीजों को मिल सकेगी ऑक्सीजन इसलिए भी जरूरी है कंसंट्रेटर
बताया जा रहा है कि कंसंट्रेटर जनरेशन प्लांट की तरह की काम करता है। यह वातावरण से ऑक्सीजन लेकर ही उसका प्रोडक्शन करता है। जैसलमेर में मंगवाए गए अधिकांश कंसंट्रेटर प्रति मिनट 10 लीटर सप्लाई कर सकेंगे। ऐसे में आम तौर पर एक मरीज को प्रति मिनट 5 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत रहती है।

ऐसे में एक कंसंट्रेटर से दो मरीजों को लाभ मिल सकेगा। जिसके चलते 200 मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन की सप्लाई इन मशीनों से की जा सकेगी। कुछ ऐसे भी कंसंट्रेटर है जो एक मरीज के लिए ही पर्याप्त होंगे। प्रदेश भर के अस्पताल फुल हैं। जैसलमेर में जब जगह नहीं है तो बड़े जिलों में जगह कहां मिलेगी।

वर्तमान में जोधपुर में मरीजों को एंट्री तक नहीं मिल रही है। इसकी वजह है कि वहां बेड खाली नहीं है। ऐसे में यहां से रेफर करने का सिस्टम भी ठप हो गया। इस बीच ऑक्सीजन की खपत तो लगातार बढ़ रही है। कंसंट्रेटर की उपलब्धता से कम से कम मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन तो मिल सकेगी।

भामाशाहों को भी आगे आने की जरूरत
वर्तमान में पूरा देश कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। जैसलमेर में फिलहाल प्रशासन की मॉनिटरिंग व सहयोग से अस्पताल में बेहतर काम हो रहा है। फिर भी कई चीजों की कमी है। कई जगहों पर भामाशाहों ने आगे आकर अस्पतालों के लिए संसाधन जुटाए हैं, अब जैसलमेर में भी भामाशाहों के आगे आने की जरूरत है ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को राहत मिल सके।

जैसलमेर में उपलब्ध संसाधनों से चिकित्सकीय टीम बेहतर काम कर रही है। वर्तमान में मरीज भी ज्यादा आ रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए हमने 130 कंसंट्रेटर मंगवाए हैं और अशसागोपा स्कूल में 70 बेड भी लगा दिए हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को कंसंट्रेटर से पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सकेगी।-आशीष मोदी, कलेक्टर, जैसलमेर

खबरें और भी हैं...