दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा जैसलमेर में फहराएगा:15 जनवरी को सेना दिवस पर 225 फीट लंबा, 150 फीट चौड़ा 1 हजार किलो का तिरंगा लहराएगा

जैसलमेर4 महीने पहले
सबसे बड़ा तिरंगा (फाइल)

ऐतिहासिक जैसलमेर नगरी एक बार फिर से इतिहास रचने जा रही है। 15 जनवरी को दुनिया का सबसे बड़ा झंडा जैसलमेर की धरती पर फहराएगा। सेना दिवस के मौके पर लगने वाला तिरंगा 225 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा है। इसका वजन करीब एक हजार किलो है। इस झंडे की खास बात ये है कि इसको खादी ग्रामोद्योग ने बनाया है।

डिफेंस पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल अमिताभ शर्मा ने बताया कि देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर जैसलमेर में सेना के वॉर म्यूजियम के पास पहाड़ी की चोटी पर खादी से बना दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। जम्मू-कश्मीर और लेह के बाद जैसलमेर तीसरा स्थान होगा जहां दुनिया का सबसे बड़ा खादी का झंडा फहराया जा रहा है। झंडे को लगाने के लिए कई मजदूर और जेसीबी मशीनें काम में जुटी हैं। बताया जा रहा है कि झंडा लगभग 37,500 वर्ग फीट एरिया में फैला है।

दुनिया का सबसे बड़ा खादी का झंडा

इस झंडे कि खास बात ये है कि ये झण्डा खादी से बना है और इसे खादी ग्रामोद्योग ने बनाया है। ये दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा खादी का झण्डा है। 15 जनवरी को सेना के कई बड़े अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य लोग इसको देखने आएंगे और उस दिन इस मौके पर मौजूद रहेंगे।

भारतीय सेना के शौर्य को सम्मान देने के लिए देश में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस (आर्मी डे) मनाया जाता है। इस साल 74 वां आर्मी डे मनाया जा रहा है। आर्मी डे के दिन भारतीय सेना की वीरता, सेना के अदम्य साहस और देश के लिए सेना की कुर्बानी को याद किया जाता है। इस खास मौके पर इस झंडे के जैसलमेर में लगने से सेना के मनोबल को और ज्यादा मोटिवेट करेगा।

लेह में 1400 किलो का लगा था झंडा

दरअसल इससे पहले 2 अक्टूबर 2021 को महात्मा गांधी की 152 वीं जयंती के अवसर पर लद्दाख के लेह में खादी के कपड़े से बना दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था। उसका वजन 1400 किलो था और 225 फीट लंबा व 150 फीट चौड़ा था। इस दौरान लेह के उप राज्यपाल आर के माथुर और सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद रहे थे।

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