खतरा बढ़ा:एक दिन में 5 कोरोना पॉजिटिव आए, जिले में अब सात एक्टिव केस

जैसलमेर14 दिन पहले
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  • जैसलमेर में कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सैंपल लेने की रफ्तार, टीकाकरण पर फोकस

जैसलमेर में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। गुरूवार देर रात आई रिपोर्ट में बीएसएफ के 2 जवान तथा शुक्रवार को आई कोरोना सैंपल रिपोर्ट में 5 पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। दूसरे दिन पॉजिटिव मरीजों के सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही आमजन में भी कोरोना की तीसरी लहर का डर देखा जा रहा है। शुक्रवार को 5 पॉजिटिव मरीजों में 2 जैसलमेर शहर तथा लाठी, खुहड़ी व रामदेवरा में एक-एक पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि होने के बाद चिकित्सा विभाग ने सैंपलिंग की तैयारी कर दी गई है। पिछले दो दिनों में जहां जहां से पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है।

ओमिक्रॉन से बचाव का तरीका क्या है | भले ही ऑमिक्रोन फिलहाल बहुत ज्यादा घातक नहीं दिख रहा है लेकिन इसकी संक्रमण दर की गंभीरता से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए हर हाल में सतर्कता की जरूरत है। ऑमिक्रोन वेरिएंट से बचने के लिए सभी सरकारी गाइडलाइन का पालन करें। मास्क को सही तरीके से लगाएं। भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें। पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था करें। हैंड हाइजीन का ख्याल रखें और हर हाल में वैक्सीन लगवाएं।

दोनों लहरों में 250 लोगों ने अपनों को खोया | कोरोना की दोनों लहरों में करीब 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। कोरोना की पहली लहर में 23 व दूसरी लहर में 200 से ज्यादा मौतों से काफी नुकसान हुआ। लेकिन इसके बावजूद लोग सीख नहीं ले रहे है। लोगों द्वारा कोरोना की दूसरी लहर की तरह ही तीसरी लहर को भी हल्के में लिया जा रहा है जो सभी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

सोशल डिस्टेंस व मास्क ही सबसे बड़ा उपाय
कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस व मास्क ही सबसे बड़ा उपाय है। जैसलमेर में एक बार कोरोना के मरीजों के बढ़ने के साथ ही यह बीमारी फिर से अपने पांव पसार लेगी। लेकिन आमजन इसके प्रति बिलकुल सजग नहीं है। कोरोना की पहली लहर में लॉकडाउन लगने के बाद आमजन में इसके प्रति भय व्याप्त हो गया था। जैसलमेर में कोरोना के कारण हुई मौतों के बाद लोगों में इसके प्रति डर था। जिसके बाद कोरोना वैक्सीन आने के बाद लोगों ने राहत की सांस तो जरूर ली। लेकिन बाजार खुलने के साथ ही लोगों ने मास्क व सोशल डिस्टेंस को भी भुला दिया है। लेकिन अब अगर यहीं लापरवाही रही तो कोरोना फिर से अपने पांव पसार लेगा।

भास्कर अपील : हमारी सावधानी ही हमारी सुरक्षा
तीसरी लहर कितनी खतरनाक है, इसका काेई अंदाजा नहीं है। इसके लिए सभी को पिछली दो लहरों से तुलना करते हुए बेहद सतर्क रहने की भी जरूरत है। आमजन को सोशल डिस्टेंस के साथ ही मास्क पहनना अब जरूरी हो गया है। इसके साथ ही वैक्सीन की भी दोनों डोज लगवाना बेहद आवश्यक है। क्योंकि कोरोना से बचाव ही इसका रोकथाम का उपाय है।

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