पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

निष्पक्ष जांच की मांग:रामदेवरा सरपंच के खिलाफ दर्जे मामले को लेकर लोगों में रोष

जैसलमेर20 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • सरपंच संघ के साथ साथ राजपूत समाज के लोगों ने भी उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

राजपूत सेवा समिति जैसलमेर के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। राजपूत सेवा समिति के सचिव सवाईसिंह देवड़ा ने बताया कि कुछ महीने पूर्व अवैध कब्जे को हटाने के लिए पोकरण प्रशासन द्वारा सहयोग की मांग की गई। इसमें रामदेवरा सरपंच द्वारा सरपंच पद के दायित्व का निर्वहन करते हुए पंचायत की ओर से प्रशासन को संसाधन जुटाने में सहयोग दिया। इसी बात को रखते हुए सरपंच के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया जो विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि उसी द्वेष भावना को लेकर अभी वर्तमान में हाल ही में एक और झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है।

जबकि उस दिन उसी समय रामदेवरा सरपंच की उपस्थिति जैसलमेर जिला मुख्यालय पर थी। उन्होंने बताया कि वास्तविक तथ्यों एवं साक्ष्यों को नजर अंदाज कर बनावटी तथ्यों के आधार पर जो झूठा मुकदमा दर्ज किया गया वह निराधार है, जो कि एफआर लायक है। ज्ञापन में जैसलमेर जिले में एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग को रोकने के लिए इस मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच की मांग की गई। उन्होंने बताया कि रामदेवरा सरपंच के विरुद्ध दर्ज झूठे प्रकरण में एफआर लगाई जाए। उन्होंने बताया कि एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे जिले की जनता में आक्रोश है।

ज्ञापन देते समय राजपूत सेवा समिति सचिव सवाईसिंह देवड़ा, नरेंद्रसिंह बैरसियाला, हाथीसिंह मुलाना, एडवोकेट कृष्णपालसिंह मोडरडी, वीरसिंह, गिरधरसिंह, भोजराजसिंह तेजमालता व हिन्दूसिंह म्याजलार सहित कई लोग मौजूद रहे। पोकरण| शहर में मंगलवार को पंचायत समिति सांकड़ा के सरपंच संघ के सदस्यों तथा राजपूत सेवा समिति के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी को अलग अलग ज्ञापन सौंप रामदेवरा में असामाजिक तत्वों व भू माफियाओं द्वारा रामदेवरा सरपंच के खिलाफ दर्ज मनगढंत व झूठे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।

उन्होंने ज्ञापन में बताया कि कुछ समय से उपखंड क्षेत्र में असामाजिक तत्वों द्वारा झूठी व सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए जान बूझकर मनगढंत व मिथ्या घटना रचकर मौजीज व्यक्तियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट की आड़ में झूठे मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में अशांति का माहौल है। उन्होंने बताया कि रामदेवरा में पोकरण रोड पर स्थित खसरा संख्या 195 गैर मुमकिन ओरण में अतिक्रमण कर लिया था। जिसे तहसीलदार के मौखिक आदेशानुसार भू अभिलेख निरीक्षक रामदेवरा व थाना प्रभारी रामदेवरा द्वारा कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया गया।

जिसमें राजस्व विभाग द्वारा अपनी ओरण भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा ग्राम पंचायत से संशोधन उपलब्ध करवाने की अपील की। जिस पर ग्राम पंचायत द्वारा राजस्व कर्मचारी व थानाधिकारी को संशोधन उपलब्ध करवाए। इससे नाराज होकर तथाकथित अतिक्रमियों द्वारा झूठी व मनगढंत घटना रचकर ग्राम पंचायत रामदेवरा के सरपंच समंदरसिंह तंवर के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया। जो कि सरासर गलत है। यह अतिक्रमण राजस्व भूमि में होने से राजस्व कर्मचारियों द्वारा थानाधिकारी की उपस्थिति में हटाया गया था।

जिसमें ग्राम पंचायत रामदेवरा का कोई दायित्व नहीं था। उन्होंने बताया कि अतिक्रमी आए दिन सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण करता रहता है व रामदेवरा थाना में उसके खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, शिकार व अवैध हथियार रखने बाबत कई मुकदमे दर्ज है। उन्होंने ज्ञापन में मांग की है कि रामदेवरा में सरपंच पर दर्ज मुकदमा में सही व निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलवा जाए व असामाजिक तत्वों द्वारा बार बार ऐसे झूठे प्रकरण दर्ज करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में राजपूत सेवा समिति के अध्यक्ष गोपालसिंह लूणा, मदनसिंह राजमथाई, राणीदानसिंह, बलवंतसिंह, दलपतसिंह के साथ साथ सरपंच संघ के जसवंतसिंह लोहारकी, नाथूसिंह, प्रेमसिंह, अशोक, गजेन्द्रदान, रउफ खां मेहर, धापू कंवर, सुरेन्द्रसिंह, उषा कंवर, राजूसिंह सहित कई सरपंच व सरपंच प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर है।

रामदेवरा सरपंच समंदर सिंह तंवर के खिलाफ दर्ज मामले का लोगों ने विरोध किया है। लोगों का कहना है कि असामाजिक तत्वों व भूमाफियाओं ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने की नीयत यह मामला दर्ज कराया। तहसीलदार व पुलिस प्रशासन के आदेश से रामदेवरा पंचायत ने अपने कार्य का निर्वहन करते हुए जायज कार्रवाई की। रामदेवरा सरपंच को बार बार परेशान करते हैं। इसको लेकर मंगलवार को फलसूंड उप तहसील में मुख्यमंत्री के नाम राजपूत समाज के मौजिज लोगों ने ज्ञापन दिया।

उन्होंने निष्पक्ष जांच करने की मांग की अगर समय रहते प्रशासन नही चेता तो पूरे जिले व मारवाड़ में राजपूत समाज उग्र आंदोलन शुरू करेगा। इस मौके पर गंगासिंह जोधा, उदयसिंह जोधा, विजयसिंह जोधा, हरिसिंह जोधा, रामसिंह जोधा, मदनसिंह जोधा, दानसिंह जोधा, नेपालसिंह जोधा, रावलसिंह जोधा, अर्जुनसिंह जोधा, प्रदीपसिंह जोधा, श्रवणसिंह जोधा, कुलदीपसिंह जोधा,जसवंतसिंह, खेतसिंह जोधा, रतनसिंह जोधा, महिपालसिंह जोधा सहित कई लोग उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...