कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर का पुतला फूंका:कांग्रेसी कार्यकर्ता डीएम आशीष मोदी की कार्यशैली से नाराज; ज्ञापन के दौरान हुए विवाद ने पकड़ा तूल

जैसलमेर2 महीने पहले
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डीएम आशीष मोदी का विरोध करते कांग्रेस कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
डीएम आशीष मोदी का विरोध करते कांग्रेस कार्यकर्ता।

जैसलमेर जिला कलेक्टर आशीष मोदी और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मंगलवार को ज्ञापन लेने के दौरान हुई नोक झोंक मामले ने तूल पकड़ लिया है। कलेक्टर आशीष मोदी का बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। मोहनगढ़ इलाके में जिला कलेक्टर आशीष मोदी का विरोध जताते हुए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंका तथा मंगलवर की घटना पर आक्रोश जताया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर का पुतला फूंका
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर का पुतला फूंका

क्या है मामला-

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन करने के बाद मंगलवार को जब कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे तो कलेक्टर से बहस हो गई। मंगलवार को जब कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्टर कक्ष में प्रवेश कर रहे थे तो कलेक्टर आशीष मोदी ने उन्हें वहीं पर रोक दिया और कहा कि इतने ज्यादा लोग आएंगे तो मैं ज्ञापन नहीं लूंगा।

इसके बाद मामला बढ़ गया और केबिनेट मंत्री के भाई व पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर और कलेक्टर के बीच कहासुनी हो गई। बाद में मामला शांत हुआ और कलेक्टर ने मीटिंग हॉल में सभी को बुलाकर ज्ञापन लिया।

मंगलवार को कांग्रेस जिला संगठन की ओर से प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को लेकर धरना दिया गया। धरना-प्रदर्शन के बाद जब कांग्रेसी कलेक्टर को ज्ञापन देने गए थे और उन्हें चेम्बर के बाहर किसी ने नहीं रोका और अंदर जाने दिया। जैसे ही कांग्रेसी कार्यकर्ता चेम्बर में घुसे तो कलेक्टर ने उन्हें रोक दिया और कहा कि ज्यादा लोगों के आने की जरूरत नहीं है, यदि ज्यादा जने आएंगे तो मैं ज्ञापन नहीं लूंगा।

कलेक्टर के इस व्यवहार को देखते हुए पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर नाराज हो गए और कलेक्टर आशीष मोदी से कहा कि हम यहां चाय पीने के लिए नहीं आए, केवल ज्ञापन देने के लिए आए हैं। इस दौरान उनके साथ जिलाध्यक्ष गोविंद भार्गव, पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता विकास व्यास, सेवादल अध्यक्ष खट्टन खान समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ता साथ थे।

सीएम से की शिकायत

अमरदीन फकीर ने इस मामले को लेकर सीएम को शिकायत की है। साथ ही कांग्रेस के जितने भी अग्रिम संगठन है उन्हें भी पत्र लिखा है और कहा है कि कलेक्टर का व्यवहार आम जनता के साथ सही नहीं है। फाइलों के ढेर लगे हैं और कलेक्टर उस पर गौर ही नहीं कर रहे हैं। पूर्व प्रधान फकीर ने इस मामले को लेकर कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि आम आदमी का काम यहां नहीं हो रहा है। सिर्फ कंपनियों के काम किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोग चक्कर काट कर थक जाते हैं और कलेक्टर उनकी सुनते तक नहीं हैं। जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि "ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, कुछ कन्फ्यूजन हो गया था, चेम्बर के बाहर जो भी स्टाफ था उसने सीधे ही उन्हें अंदर भेज दिया था, मैंने मीटिंग हॉल में बिठाने के लिए कहा था। मैंने पुलिस इंचार्ज को उनके सामने बुलाकर पूछ लिया था, तब उन्होंने बताया था कि भीड़ देखकर पुलिस खुद ही वहां आ गई थी।

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