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दोहरा फर्ज:दफ्तर में ही दाे वक्त की नमाज अदा करते हैं डॉ. सलीम

जैसलमेरएक महीने पहले
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  • सीएमएचओ कार्यालय के मुख्य सलाहकार डॉ. जावेद 15 घंटे का रोजा रखने के साथ कर रहे ड्यूटी

देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इस दौरान कोरोना योद्धा सेवा में जुटे हुए है। कई ऐसे है जो अपने घर परिवार से दूर रहकर कोरोना के विरुद्ध जंग में ड्यूटी कर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय जैसलमेर में मुख्य सलाहकार के पद पर तैनात डॉ. सलीम जावेद रमजान महीने में मानव सेवा में लगे हुए है।

डॉ. सलीम जावेद ने रमजान महीने में रोजा रखा है और अपने काम में इतने व्यस्त है कि उन्हें अपने ऑफिस में ही नमाज अदा करनी पड़ती है। डॉ. जावेद रोजे के साथ साथ कोरोना काल में फ्रंट लाइन योद्धाओं की तरह काम कर रहे हैं और कोरोना की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। काेरोना रोकथाम सहित कोरोना से जुड़े तमाम चिकित्सा विभाग के मुख्य कार्य करके शाम को नमाज अदा कर रोजा खोलते हैं।

मनुष्य के लिए धर्म के साथ कर्म करना भी जरूरी है:जावेद
डॉ. जावेद अपने कर्म और धर्म को दोनों को मिलाकर चलते हैं और दोनों पर ही एक दूसरे का कोई असर नहीं आने देते हैं। डॉ. सलीम जावेद कहते हैं कि मनुष्य के लिए धर्म भी जरूरी और कर्म भी जरूरी है। वर्तमान में हमारा पवित्र रमजान का माह चल रहा है। रोजा रखना मेरा धर्म है और कोरोना जैसे खतरनाक संक्रमण की दूसरी लहर में सेवा देना भी पहला कर्म है।

डॉ. सलीम जावेद रोजे के साथ साथ दिनभर तेज गर्मी में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में रेंडम सैम्पल, कोरोना पॉजिटिव की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री, स्टेट रिपोर्टिंग, मरीजों से फोन पर बात करना, मरीजों की शिफ्टिंग व मरीजों को हाेम आइसोलेट करने सहित कई सेवाएं दे रहे हैं।

15 घंटे रोजा और 12 घंटे ऑफिस में ही करते हैं काम
मुख्य सलाहकार डॉ. सलीम जावेद रात को 3 बजे उठते हैं। उसके बाद वह सुबह 4 बजे तक भोजन कर लेते है। सुबह 4 बजे से शाम 7.15 बजे तक डॉ. जावेद पानी भी नहीं पीते है। इतना ही नहीं वह सुबह 8 बजे ऑफिस पहुंच जाते हैं और शाम को करीब 7.30 बजे तक ऑफिस में ही सेवाएं देते हैं।

डॉ. जावेद प्रतिदिन दोपहर 2 बजे व शाम 4 बजे की नमाज भी ऑफिस में ही अदा करते हैं। शाम 7.30 बजे के बाद घर जाने पर वह भोजन करते है। डॉ. जावेद के हौसले को देख ऑफिस स्टाफ व अधिकारी भी उनके जज्बे काे सलाम करते हैं।

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