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कार्यक्रम:डॉ. उमेश ने कहा जैविक खेती के लिए पशुधन का महत्वपूर्ण योगदान

लाठीएक महीने पहले
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  • निशुल्क गौ चिकित्सा शिविर में पशुओं की स्वास्थ्य जांच, गिलोय के 300 से अधिक पौधे वितरित किए

पशुपालन विभाग एवं गो गीता गायत्री के संयुक्त तत्वावधान में क्षेत्र के भादरिया गांव में स्थित भादरिया गौशाला में एक दिवसीय निशुल्क गौ चिकित्सा शिविर लगाया गया। इस अवसर पर उपस्थित गौ भक्तो से जिला मॉनिटरिंग अधिकारी डॉ. उमेश वरगंटीवार द्वारा गौपालन एवं जैविक खेती का मनुष्य के स्वास्थ्य एवं समृद्धि से विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि आज कि परिस्थिति में रासायनिक खाद एंव रसायनिक दवाइयों का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा हैं।

जिसमें भूमि की उर्वरक क्षमता खत्म हो रही है। जो वर्तमान समय में उत्पन्न हो रही कई बीमारियों (हाई अटैक, किडनी की बीमारी,कैंसर) के लिए जिम्मेदार हैं। मानव जाति के उत्तम स्वास्थ्य हेतु दही,छाछ,घी महत्वपूर्ण हैं। भूमि के स्वास्थ्य के लिए जैविक खाद एवं गौ मूत्र का महत्वपूर्ण योगदान हैं। क्षेत्र में पर्याप्त भूमि सेवण घास का चारागाह एवं सर्वाधिक गोवंश होने के कारण यहां की परिस्थितियां गोपालन के एंव जैविक खेती के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। बुधवार को पशुपालन विभाग एंव गो गीता गायत्री सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में लगाए गए एक दिवसीय नि शुल्क गो चिकित्सा शिविर के दौरान अधिकारियों द्वारा जगदम्बा सेवा संस्थान भादरिया का निरीक्षण किया एंव 300 से अधिक गिलोय के पौधों का रोपण किया गया। डाक्टर वरगंटीवार ने बताया कि यहां की गौशाला में पर्याप्त मात्रा में नीम के पौधे होने से नीम गिलोय को आयुर्वेद में महत्वपूर्ण विभिन्न रोगों के रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण ओषधि माना है।इस गौशाला में पिछले कई वर्षों से पंचगव्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं एवं साथ ही गिलोप युक्त गोमुत्र अर्क बनाया जा रहा हैं। यह नवाचार गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।गौचिकित्सा शिविर के दौरान श्री जगदम्बा गौ सेवा के संस्थापक जुगल किशोर आसेरा,घनश्याम पालीवाल, रामसिंह,पशुपालन विभाग से पशुधन सहायक सपनसिंह धायसर,नवीन कुमार उपस्थित थे।

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