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शहर में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण:नगरपरिषद की लापरवाही से सरकारी और तालाब के आगोर की जमीनों पर काबिज हो गए अतिक्रमी

जैसलमेर4 दिन पहले
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  • प्रशासन शहरों के संग अभियान से पहले अतिक्रमियों की नजर सरकारी जमीनों पर

जैसलमेर में प्रशासन द्वारा आगामी 2 अक्टूबर से शुरू हो रहे प्रशासन शहरो के संग अभियान की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ अतिक्रमियों द्वारा भी इस अभियान के तहत फायदा उठाने की तैयारी को लेकर जगह जगह अतिक्रमण किया जा रहा है। जिससे जैसलमेर में इन दिनों अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई है।

जैसलमेर शहर के आस पास ऐसी कोई जगह नहीं है। जहां पिछले दिनों से अतिक्रमण नहीं किए जा रहे है। गौरतलब है कि आगामी 2 अक्टूबर से सरकार द्वारा प्रशासन शहरों के संग अभियान की शुरूआत करने जा रही है। जिससे नगर परिषद को कई अधिकार मिल जाएंगे।

जिसमें नामांतरण से लेकर पट्टे जारी करने तक के अधिकार नगर परिषद के पास होंगे। इसके लिए नगर परिषद व प्रशासन द्वारा तैयारी की जा रही है। इस अभियान का बेजा फायदा उठाने के लिए अतिक्रमी भी सक्रिय हो गए है। जिसके तहत अतिक्रमियों द्वारा जगह जगह अतिक्रमण कर वहां कब्जा किया जा रहा है।

लेकिन नगर परिषद द्वारा बढ़ रहे अतिक्रमणों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। खुहड़ी रोड़ पर अतिक्रमियों कब्जे कर लिए हैं। इसके साथ ही अतिक्रमियों द्वारा वहां पत्थर रखवाएं जा रहे हंै। सुविधा के लिए वहां मुरड़ की रोड भी बिछा दी है।

गड़ीसर के कैचमेंट एरिया समेत कई कॉलोनियों में निर्माण सामग्री डालकर किए जा रहे कब्जे

छह माह पहले ही भास्कर ने चेताया, फिर भी नहीं लिया सबक-

अतिक्रमण को लेकर भास्कर ने छह माह पहले ही नगर परिषद को चेताया था। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण ही अतिक्रमण बढ़ गए हैं। भास्कर ने 13 फरवरी को ‘अतिक्रमियों ने गड़ीसर तालाब के आगोर को भी नहीं छोड़ा, कच्चे-पक्के कमरे बना किए कब्जे’ 14 फरवरी को ‘सिर्फ एक ही झोंपा तोड़कर अतिक्रमण हटाने की खानापूर्ति, कब्जे देखे भी नहीं’ तथा 16 फरवरी को ‘नगर परिषद की अतिक्रमियों को पांच दिन की चेतावनी, फिर कब्जों पर चलेगा बुलडोजर’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

लेकिन उसके बाद भी नगर परिषद द्वारा लगातार बढ़ रहे अतिक्रमणों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। म्याजलार रोड पर गड़ीसर के कैचमेंट एरिया में पिछले कुछ समय से लगातार अतिक्रमण बढ़ रहे है। जिस पर गत 15 फरवरी को नगर परिषद द्वारा अतिक्रमियों को पांच दिन का अल्टीमेट दिया गया था। इन पांच दिन में अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी। अतिक्रमण नहीं हटने पर नगर परिषद द्वारा कार्रवाई की जानी थी। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते अतिक्रमियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

गड़ीसर के कैचमेंट पर नजर, गुलाबसागर की तरह खत्म न हो जाए तालाब का अस्तित्व

गड़ीसर तालाब के आगोर में इन दिनों बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। पहले से गड़ीसर में पानी की आवक के सभी रास्ते बंद हो गए है। अब बचे पानी के रास्तों पर भी अतिक्रमण किया जा रहा है। जिससे अगर अतिक्रमण पर रोक नहीं लगाई गई तो आगामी समय में गड़ीसर में पानी की आवक बंद हो जाएगी।

सरकार की करोड़ों रुपए की जमीन अतिक्रमियों के हत्थे चढ़ जाएगी। नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने को लेकर दावे तो किए जाते है लेकिन शहर में बढ़ रहे अतिक्रमणों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अगर नगर परिषद द्वारा समय रहते ही इन अतिक्रमणों पर कार्रवाई नहीं की गई तो गुलाबसागर की तरह ही गड़ीसर का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

नगरपरिषद की अनदेखी से शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण, अतिक्रमियों के हौसले बुलंद

शहर व आस पास बढ़ रहे अतिक्रमणों को लेकर नगर परिषद का रवैया पूरी तरह से उदासीन है। नगर परिषद द्वारा ना तो अतिक्रमण रोकने का प्रयास किया जाता है और ना अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है। नगर परिषद की यह उदासीनता अतिक्रमियों के लिए सुलभ अतिक्रमण करने की छूट मानी जा रही है।

इन दिनों खुहड़ी रोड़ पर जमकर अतिक्रमण किए जा रहे है। खुहड़ी रोड़ पर यूआईटी कार्यालय के ठीक बाद सड़क से कुछ ही दूरी पर अतिक्रमण कर पूरी बस्ती बसा ली गई है। अतिक्रमियों द्वारा वहां कच्चे निर्माण कर दिए गए है। कुछ कच्चे मकानों को पक्का किया जा रहा है। लेकिन उसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारियों को अतिक्रमण से कोई सरोकार नहीं है। ​​​​​​​

जिम्मेदार अफसर उदासीन, कैसे रुकेंगे अतिक्रमण

शहर में पिछले कुछ समय से अतिक्रमणों की बाढ़ आ गई है। ऐसे में अतिक्रमण की सूचना मिलने पर नगर परिषद को जहां तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं गड़ीसर के कैचमेंट एरिया व बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण की पूरी जानकारी होने के बाद भी नगर परिषद पूरी तरह से सुस्त दिखाई दे रही है। नगर परिषद का यह उदासीन रवैया रहा तो श्हार में होने वाले अतिक्रमण कैसे रूकेंगे।​​​​​​​

आयुक्त का बेतुका बयान : जैसलमेर में सभी अतिक्रमी

जैसलमेर में सभी कब्जे पर ही तो बैठे है। किसके पास खुद की प्रोपर्टी है। इस मामले में कब्जा कहां और करने वाले कौन है, पहले यह चिन्हित किया जाएगा। उस जगह पर यह लोग कबसे काबिज है इसका भी पता करना पड़ेगा। उसके बाद उन्हें वहां से पुर्नस्थापित करने के प्रयास किए जाएंगे। कैचमेंट एरिया है तो उन्हें हटाने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
शशिकांत शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद।





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