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कौन बनेगा जिला प्रमुख:कांग्रेस के दोनों गुटों में समझौते के प्रयास,भाजपा भितरघात के भरोसे

जैसलमेर6 महीने पहले
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  • जिला प्रमुख व प्रधानों के लिए जोड़ तोड़, भाजपा को चाहिए एक वोट और कांग्रेस को दोनों गुटों में समझौता

जिला प्रमुख की दौड़ तेज हो गई है। गुरुवार को जिला प्रमुख के चुनाव होने हैं। दोनों ही दलों ने अपनी ओर से पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन अभी तक जिला प्रमुख की तस्वीर साफ नहीं हो रही है। भाजपा जहां एक वोट के इंतजार में है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के दोनों गुटों में समझौते के प्रयास हो रहे हैं। लड़ाई लम्बी चली जिसे लेकर कयास यही लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस में समझौता नहीं होगा और समझौता होने पर भितरघात होनी तय है। भाजपा भी इसी के इंतजार में है।

हालांकि चुनाव परिणाम में कांग्रेस को बहुमत तो मिला लेकिन उनकी लड़ाई के चलते स्पष्ट बहुमत नहीं कहा जा सकता है। भाजपा के पास 8 सीट है। बुधवार को दिन भर जोड़ तोड़ की राजनीति चलती रही। समझौते के प्रयास चलते रहे। कांग्रेस के पर्यवेक्षक भी जैसलमेर पहुंच गए और किसी एक पर सहमति की कोशिश की गई। बुधवार की रात भाजपा व कांग्रेस के दोनों गुटों के लिए भारी साबित हुई। पूरी रात मंथन चलता रहा और किसी नतीजे पर पहुंचना सभी के लिए मुश्किल रहा। गुरुवार सुबह 10 बजे नामांकन दाखिल करने के साथ ही जिला प्रमुख की तस्वीर साफ होगी।

बहुमत के बावजूद कांग्रेस को ढूंढना होगा विकल्प
कांग्रेस जिला प्रमुख पद को लेकर विकल्प तलाशने में जुटी रही। सीधे तौर पर कांग्रेस के पास 9 सीटें है और बहुमत है। लेकिन प्रमुख कौन बने, इसे लेकर ही दोनों गुटों में विवाद शुरू हुआ था। ऐसे में या तो दोनों गुटों के प्रबल दावेदार अंजना व अब्दुला को रेस से बाहर किया जाकर किसी और उम्मीदवार पर दोनों के बीच सहमति हो। इस विकल्प में एक दो वोट खिसकने की आशंका बनी रहेगी। दूसरा विकल्प यह है कि पार्टी से बगावत कर दोनों ही गुट अपने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे और नाम वापसी तक एक दूसरे के झुकने का इंतजार करे। कांग्रेस की ओर से भाजपा के प्रत्याशियों को तोड़ने का प्रयास भी किया जा सकता है।

भाजपा की नजर कांग्रेस की रणनीति व बगावत पर
भाजपा अपने 8 उम्मीदवार के साथ एकजुट होने का दावा कर रही है। प्रतापपुरी महाराज के नेतृत्व में जिला प्रमुख पद के लिए किसे आवेदन करवाया जाए उस पर दिन भर चर्चा चली। प्रदेश संगठन के संपर्क में रहते हुए भाजपा रणनीति बनाने में जुटी रही और आपसी फूट न हो, ऐसे उम्मीदवार को तय करने का प्रयास किया। बहुमत के लिए भाजपा की नजर कांग्रेस की रणनीति पर गड़ी हुई थी।

पंचायत समितियों का स्कोर :

मोहनगढ़ : कृष्णा चौधरी (कांग्रेस) यहां कांग्रेस को सीधे तौर पर बहुमत मिला है। 15 में से 9 सदस्य कांग्रेस के पास हैं और प्रधान पद को लेकर कांग्रेस में घमासान भी नहीं दिख रहा है। भाजपा यहां केवल 5 सीटें जीती है और केवल एक ही निर्दलीय उम्मीदवार जीता हुआ है। कांग्रेस की तरफ से यहां पहले से ही मूलाराम चौधरी के परिवार से प्रधान बनाने का निर्णय था। ऐसे में इस परिवार से दो महिलाएं चुनाव मैदान में थी। जिसमें एक हार गई और एक जीत गई। जीतने वाली कृष्णा चौधरी यहां से प्रधान बननी तय है।
सम : तनसिंह सोढ़ा (भाजपा)
सम समिति में भाजपा प्रधान बनाने के लिए आगे निकल चुकी है। यहां 15 ब्लॉक में से दोनों के पास 7-7 प्रत्याशी हैं और तीन उम्मीदवार निर्दलीय जीते हुए हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा ने दो निर्दलीयों को अपने कब्जे में ले लिया है। ऐसे में वर्तमान में भाजपा के पास 9 उम्मीदवार हैं और प्रधान पद के प्रमुख दावेदार तनसिंह खुहड़ी बताए जा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने भी प्रयास छोड़े नहीं हैं और जोड़ तोड़ में जुटी हुई है।

नाचना : अर्जुनराम (कांग्रेस) पंचायतीराज चुनाव के परिणाम आने के बाद नाचना में दोनों ही राजनैतिक दलों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। यहां भाजपा के 7 सदस्य चुनाव जीत कर आए हैं वहीं कांग्रेस के 8 उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। नाचना पंचायत समिति प्रधान पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने पर कांग्रेस ने चार एससी के उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। जिनमें से वार्ड संख्या 2 से अर्जुन राम मेघवाल ही जीते हैं, तीन अन्य हार गए। अब कांग्रेस के पास एक मात्र ही विकल्प है। यहां अर्जुनराम को प्रधान बनाने को लेकर कांग्रेस आश्वस्त है वहीं दूसरी तरफ 7 सीटों पर सिमटी भाजपा जोड़ तोड़ में लगी हुई है।

फतेहगढ़ : भाजपा का प्रधान
फतेहगढ़ समिति में 15 ब्लॉक है और भाजपा को 10 पर जीत मिली है। ऐसे में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। भाजपा ने बसिया क्षेत्र से किसी को प्रधान बनाने का वादा किया था। ऐसे नरपतसिंह व जनकसिंह का नाम सामने आ रहा है। देर रात तक एक नाम पर सहमति नहीं हो पाई थी। ऐसो में प्रधान भाजपा का ही बनेगा
सांकड़ा : भगवतसिंह (भाजपा) सांकड़ा समिति में कांग्रेस को शिकस्त मिली है। यहां भाजपा ने 6 उम्मीदवार मैदान में उतारे ही नहीं। वहीं दो तीन निर्दलीयों को समर्थन जरूर दिया था। चुनाव परिणाम में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। भाजपा को 6, कांग्रेस को 5 और 6 निर्दलीय जीते। ऐसे में भाजपा अपने समर्थित उम्मीदवारों के बलबूते प्रधान बना रही है। वार्ड नं. 16 से भाजपा के समर्थन से जीते निर्दलीय उम्मीदवार भगवतसिंह के नाम पर सहमति बनी।
भणियाणा : दोली देवी गोदारा (कांग्रेस) बन सकती है प्रधान
भणियाणा समिति में कांग्रेस बहुमत से एक सीट दूर है। लेकिन जीते हुए 5 निर्दलीयों में दो तीन कांग्रेस के पक्ष में है और उनके बलबूते कांग्रेस अपना प्रधान बना रही है। यहां कांग्रेस ने पहले से ही रणवीर गोदारा परिवार से जीती दोली गोदारा का प्रधान बनना लगभग तय है।
जैसलमेर : रसाल कंवर (कांग्रेस) पंचायत समिति जैसलमेर के 15 ब्लॉक में से कांग्रेस को 8 सीटों के साथ बहुमत हासिल है। यहां चार निर्दलीय जीते हुए हैं। जबकि भाजपा के पास केवल तीन सीटें है। फिलहाल विवाद नहीं है और ऐसे में रसाल कंवर का प्रधान बनना तय माना जा रहा है।

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