पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

केबिन में आग से 3 लाख का नुकसान:शॉर्ट सर्किट से कपड़े की दुकान में लगी आग, लोगों ने 2 घंटे कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू, लाखों का कपड़ा जलकर राख

जैसलमेर20 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
आग से जलता केबिन। - Dainik Bhaskar
आग से जलता केबिन।

जैसलमेर के नाचना कस्बे में सोमवार रात एक केबिन में आग लग जाने से 3 लाख रुपए का कपड़ा व अन्य सामान जलकर राख हो गए। नाचना कस्बे में फायर ब्रिगेड की सुविधा नहीं होने से आमजन ने 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खुद ही आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब जलकर खाक हो गया था।

आग के बाद का मंजर
आग के बाद का मंजर

केबिन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
नाचना पुलिस ने बताया कि कस्बे के मुसाफिर खाने के पास बहुत बड़ा मार्केट है। मुसाफिर खाने के पीछे की तरफ 2 केबिन लगे हैं। एक केबिन में कपड़े का व्यवसाय होता है व दूसरे में मीट शॉप है। रात 10 बजे के करीब शॉर्ट सर्किट से एक केबिन ने आग पकड़ ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। इस पर पानी के 2 टैंकर बुलवाए और आग बुझाने की कोशिश की। कपड़े की दुकान में आग से पास वाले केबिन ने भी आग पकड़ ली। पुलिस व आमजन ने मीट शॉप में रखे गैस के सिलेंडर और कुछ मुर्गियों को केबिन से बाहर निकाला। करीब 2 घंटों की अथक मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन तब तक कपड़े का केबिन पूरा जल चुका था।

आग से हुआ नुकसान।
आग से हुआ नुकसान।

1 महीने पहले ही खोला था कपड़े का व्यवसाय
नाचना के आकलवाला गांव के निवासी इनायत खान (29) ने 1 महीने पहले ही नाचना के शाइख मार्केट में अपना केबिन लगाकर कपड़े का काम शुरू किया था। उसने जैसलमेर व पोकरण से कपड़े खरीदे थे। लेकिन सोमवार की रात लगी आग ने उसकी दुकान को जलाकर राख कर दिया। पीड़ित ने बताया कि हमारा काम खेती का है। मैंने घर वालों से पैसे लेकर अपना खुद का काम शुरू करने का मन बनाया था और नाचना में कपड़े का काम शुरू किया। लेकिन आग से सब कुछ खत्म हो गया। करीब 3 लाख रुपए का नुकसान हो गया है।

नाचना में नहीं है फायर ब्रिगेड
नाचना कस्बे में किसी दुकान या घर में आग लग जाए तो फिर सब कुछ भगवान भरोसे ही है। नाचना में आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं है। नाचना पुलिस ने बताया कि आग लग जाने कि स्थिति में हम पोकरण पर निर्भर हैं। नाचना में फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं होने के कारण हमें पोकरण सूचना देनी पड़ती है। लगभग डेढ़ से दो घंटों के अंतराल का सफर तय करके पोकरण से फायर ब्रिगेड यहां पहुंचती है, तब तक बहुत नुकसान हो चुका होता है।

खबरें और भी हैं...