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अच्छी खबर:हिंगलाज मंदिर परिसर में 100 से अधिक पौधे लगाकर विकसित किया उपवन

जैसलमेरएक महीने पहले
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हिंगलाज मंदिर, खत्रियों की तलाई, रतासर परिसर में पिछले कई वर्षों से उपवन बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं तथा अभी तक यहां 100 से अधिक प्रजातियों के पौधों को विकसित किया जा चुका हैं। हिंगलाज मंदिर विकास समिति रतासर के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण धणदे ने बताया कि परिसर में मुख्य रूप से गुलर, कदम, कटहल, पिलखन, पुत्रंजीवा, पलास, कचनार, गमहारी, नागचम्पा, कैलाशपति, सीता अशोक आदि विभिन्न रेगिस्तान में दुर्लभ पौधे भी लगाए गए हैं। पौधों के देखभाल लीलाधर खत्री द्वारा की जा रही है।

इसी कड़ी में गुरूवार को भी गांधीनगर से पौधे मंगवाए गए। जिनका रोपण कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. दीपक चतुर्वेदी, पशुपालन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. उमेश वरगंटीवार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक गिरधारीलाल, गायत्री परिवार के सदस्य इंजीनियर रमेश छंगाणी, इंजीनियर सावंताराम, जीएसटी विभाग के निरीक्षक विक्रमसिंह, जीएसटी विभाग में कार्यरत जितेन्द्र खत्री, झब्बरसिंह तथा अन्य खत्री समाज के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में कल्पवृक्ष, पारस पीपल, हरड़ा, बहेड़ा, रूद्राक्ष, सिन्दूरी आदि पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर खत्री समाज अध्यक्ष दिनेश कीरी, पूर्व समाज अध्यक्ष रमेश दड़ा, पार्षद ओमप्रकाश धणदे, रतासर समिति के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तमदास बिछड़ा, सचिव चन्द्रप्रकाश दड़ा, कोषाध्यक्ष नीम्बराज डलोरा, चैनसुख बिछड़ा, कपिल बिछड़ा, मनीष बिछड़ा, अमरचंद कीरी, दिलीप सेवक, पूर्व मरूश्री जितेन्द्र बिछड़ा, कन्हैयालाल बिछड़ा, रमेश खाखूपोतरा आदि ने सहयोग किया।

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