पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सांसों पर संकट:जनरेशन प्लांट से प्रति मिनट 150 लीटर ऑक्सीजन तैयार; जरूरत 400 लीटर प्रति मिनट की, सिलेंडरों के भरोसे व्यवस्था

जैसलमेर4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना की दूसरी लहर ने जैसलमेर को हिलाकर रख दिया है। पहली लहर में जहां बहुत कम मरीज आ रहे थे वहीं दूसरी लहर ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। इतना ही नहीं गंभीर मरीज भी बहुत ज्यादा आ रहे हैं। संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच जाने से ऑक्सीजन की कमी आ रही है और कई मरीजों को निरंतर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।

प्रदेश सहित देश के कई जिलों में हालात बेकाबू है। जैसलमेर में अब तक स्थिति नियंत्रण में है लेकिन वर्तमान में मामला बराबरी पर चल रहा है। ऐसे में मरीज बढ़ते हैं तो मुश्किलें भी बढ़ जाएगी। वर्तमान में 60 से ज्यादा मरीज ऑक्सीजन पर है। जबकि अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव भर्ती मरीजों की संख्या 90 के करीब है। साथ ही रोजाना 300 से अधिक मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं। जिनमें 10 से 15 मरीज भी गंभीर मिले तो अस्पताल में अब जगह नहीं बचेगी। दूसरी तरफ अभी तक रिकवरी दर बहुत कम है। खासतौर पर रिकवर वही हो रहे हैं जो होम आइसोलेट है। अस्पताल में गंभीर मरीज ही भर्ती है।

प्लांट की क्षमता 35, रोजाना 50 से 60 ऑक्सीजन सिलेंडरों की डिमांड

हाल ही में जवाहर अस्पताल में ऑक्सीजन का जनरेशन प्लांट शुरू किया गया है। इसकी क्षमता 35 सिलेंडर की है। करीब 150 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट उत्पादन होता है जो कि 30 से 35 मरीजों के लिए पर्याप्त है। इससे ज्यादा मरीज होने पर जनरेशन प्लांट की ऑक्सीजन की प्योरिटी कम होती जाती है। जानकारी के अनुसार पिछले दिनों इस प्लांट की प्योरिटी 50 के करीब पहुंच चुकी थी। इसका मतलब साफ है कि उत्पादन कम हो रहा है और जरूरत ज्यादा ऑक्सीजन की है।

अस्पताल में जनरेशन प्लांट के साथ सप्लाई में सिलेंडर भी लगाने पड़ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि उत्पादन तो सिर्फ 150 लीटर प्रति मिनट हो रहा है जबकि मरीजों के हिसाब से जरूरत 400 लीटर प्रति मिनट की है। ऐसे में सिलेंडर की खपत भी बढ़ गई है। एक दिन पहले सोमवार को एक दिन में 54 सिलेंडर खाली हुए थे। अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिलेंडर की खपत लगातार बढ़ने वाली है।

जिला अस्पताल में रोजाना 60 सिलेंडरों की खपत

फिलहाल 200 से अधिक सिलेंडर से रिफिलिंग का काम चल रहा है। 40-50 सिलेंडर खाली होने के साथ जोधपुर व बाड़मेर भरने भेज दिए जाते हैं। रोजाना एक दो गाड़ियां इस काम में लगी है। लेकिन दिक्कत यह है कि एक दिन भी आपूर्ति बाधित हुई तो हालात बिगड़ सकते हैं। क्योंकि वर्तमान में रोजाना 50 से 60 सिलेंडर की खपत है। कुछ समय के लिए भी सिलेंडर नहीं लगाए तो जनरेशन प्लांट की प्योरिटी गिर जाएगी और मरीजों के लिए खतरा बढ़ जाएगा।

प्रशासन के जिम्मे ऑक्सीजन की सप्लाई, स्टॉक करने पर विचार

कलेक्टर आशीष मोदी ने ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था प्रशासन के हाथ में ले रखी है। एडीएम सहित कई अधिकारियों को इसकी आपूर्ति में लगा रखा है। रोजाना मॉनिटरिंग स्वयं कर रहे हैं। निरंतर खाली होने वाले सिलेंडर को रिफिल करवाने के लिए भिजवाया जा रहा है। यदि यही व्यवस्था चिकित्सा प्रबंधन के पास होती तो मुश्किलें बढ़ जाती। गनीमत है कि प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से गंभीर है। कई जिलों में स्टोरेज के लिए बड़े टैंकर बनाए गए हैं। जिससे भारी मात्रा में एक साथ ऑक्सीजन मंगवाकर उसमें भंडारण किया जा रहा है। जैसलमेर में फिलहाल स्टोरेज नहीं है, छोटे छोटे सिलेंडर मंगवाए जा रहे हैं। यदि भंडारण बढ़ा दिया जाए तो कई परेशानियों से बचा जा सकता है।

मरीज बढ़े तो परेशानी

ऑक्सीजन के मरीज बढ़े तो मुश्किल हो सकती है: अब जवाहर अस्पताल में यह खतरा मंडरा रहा है कि लगभग जितनी ऑक्सीजन की आपूर्ति है उतनी खपत हो रही है। यदि मरीज बढ़ते हैं और खपत बढ़ती है तो दिक्कत खड़ी हो सकती है। ऐसे में उसके लिए कोई विशेष तैयारी अब तक दिखाई नहीं दे रही है।

वर्तमान में 61 से ज्यादा मरीज ऑक्सीजन ले रहे हैं। जनरेशन प्लांट की क्षमता से ज्यादा जरूरत है तो हम सिलेंडर लगा रहे हैं। ऑक्सीजन की मॉनिटरिंग की जा रही है और वर्तमान में रोजाना जरूरत के मुताबिक सिलेंडर मिल रहे हैं। यदि अब मरीजों की संख्या बढ़ती है तो ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत पड़ेगी। -डॉ. जे.आर. पंवार, पीएमओ, जवाहर अस्पताल।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज दिन भर व्यस्तता बनी रहेगी। पिछले कुछ समय से आप जिस कार्य को लेकर प्रयासरत थे, उससे संबंधित लाभ प्राप्त होगा। फाइनेंस से संबंधित लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। न...

    और पढ़ें