कोर्ट:हाईकोर्ट ने दिए गड़ीसर की तरह झीलों के संरक्षण के निर्देश

जैसलमेर2 महीने पहले
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  • जनहित याचिका की सुनवाई में राज्य सरकार को झीलों के विकास के लिए बजट जारी करने के दिए आदेश

गड़ीसर झील के संरक्षण के लिए अधिवक्ता मानस खत्री व सुनील पालीवाल द्वारा याचिकाकर्ता कंवराजसिंह की ओर से राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में जनहित याचिका पेश की गई थी। इस याचिका पर न्यायालय द्वारा सुनवाई करते हुए 29 सितंबर को गड़ीसर की तरह राजस्थान की सभी झीलों के विकास एवं संरक्षण के आदेश पारित किए है।

जिन आदेशों के अनुसरण में राज्य सरकार द्वारा गड़ीसर के जल भराव क्षेत्र एवं संरक्षित क्षेत्र की सीमाएं निर्धारित की गई और गड़ीसर को झील घोषित किया गया। गड़ीसर का संरक्षित क्षेत्र भी घोषित किया। जिसकी अधिसूचना राजस्थान के राजपत्र में 12 मार्च 2021 को प्रकाशित की गई। इसी प्रकार न्यायालय में जोधपुर के जलाशयों को संरक्षित किए जाने के लिए स्वप्रेरणा से दर्ज याचिका को गड़ीसर के प्रकरण के साथ समेकित किया गया।

झीलों में शामिल जैसलमेर में पोकरण स्थित कावोद झील, उदयपुर में जैतसमंद, फतेहसागर, पिछोला झीलें, राजसमंद में राजसमंद झील, अजमेर में थायसागर, बिसलसर, गुण्डोलाव व अनासागर झीलें, अलवर में सिलीसेर, माउंट आबू में नक्की झील, जोधपुर मे बालसन्द, उम्मेदसागर, कायलाना, फलोदी एवं तखतसागर झील, बीकानेर में गजनेर, कोलायत व लूणकरणसर झीलें, बूंदी में कनकसागर, सीकर में पीथमपुरी व रेवास कछोर झीलें, डूंगरपुर की गपसागर झील, नागौर की खालडा, डूगरी व गवाने झीलें, चूरू की तालछापर झील, जयपुर की सांभर झील व पूरे राजस्थान में स्थित झीलों के संरक्षण के लिए राजस्थान झील संरक्षण एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम 2015 के प्रभाव में आने के बाद राज्य सरकार द्वारा झील विकास प्राधिकरण को अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार गठित किया गया। कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय संरक्षण एवं विकास समिति का भी गठन किया गया। न्यायालय द्वारा राजस्थान की सभी झीलों की जिला स्तर की समितियों को समयबद्ध रूप से आदेश पारित करते हुए झीलों का सर्वेक्षण और अध्ययन, सीमाएं, जल बहाव क्षेत्र एवं संरक्षित क्षेत्र का प्रस्ताव बनाकर झील विकास प्राधिकरण को छह सप्ताह के अंदर पेश करने के आदेश दिए है।

प्राधिकरण के द्वारा प्रस्ताव प्राप्त किए जाने के बाद चार सप्ताह में झीलों की सीमाएं और संरक्षित क्षेत्र को घोषित किए जाने के लिए चार सप्ताह में राज्य सरकार को अधिसूचना में प्रसारित करने के निर्देश दिए गए है। जिला स्तरीय समितियों द्वारा झील के संरक्षण एवं विकास के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव को प्राधिकरण द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजने का आदेश दिया गया।

राज्य सरकार को झीलों के संरक्षण एवं विकास के लिए जल्द ही अलग से बजट का आवंटन करने के निर्देश भी दिए गए है। इसके साथ ही राज्य सरकार एवं नगर परिषद को झील की सीमाओं के 30 मीटर के क्षेत्र तक किसी प्रकार का निर्माण ओर कब्जे के नियमन की कार्रवाई नहीं करने का आदेश भी दिया गया है।

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