अब डरना जरूरी है:अस्पताल के बेड फुल होने वाले हैं एक दिन में जिले में 375 नए पॉजिटिव रोगी आए

जैसलमेर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बीती रात ऑक्सीजन का प्रेशर कम होने से एकबारगी मरीजों को हुई थी परेशानी
  • रेफर होने वाले मरीजों को जोधपुर में भी नहीं मिल रही है जगह

अब तक प्रदेश के अन्य जिलों व देश के कई राज्यों से बेड की कमी और ऑक्सीजन की कमी की खबरें सुनाई दे रही थी लेकिन अब यह हालात जैसलमेर के नजदीक भी पहुंच गए हैं। अस्पताल में बेड फुल होने वाले हैं। वर्तमान में 65 बेड में से 64 पर गंभीर मरीज भर्ती है। ऑक्सीजन एक समय में 50 के लगभग मरीजों को दी जा सकती है। फिलहाल इतने से भी अधिक मरीजों को ऑक्सीजन चल रही है।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो हम कितने तैयार हैं। शायद नहीं….। क्योंकि अभी तक युद्धस्तर पर प्रयास होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन भी दबी जुबान में यह स्वीकार कर रहा है कि यदि 150 से अधिक गंभीर मरीज आ जाते हैं तो हाथ पांव फूल जाएंगे। हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं।

गुरूवार को 375 नए पॉजिटिव सामने आए। जिसके बाद जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 2081 पहुंच गई है। सीएमएचओ डॉ. कमलेश चौधरी ने बताया कि 1 हजार 239 कोरोना सैंपल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसमें 375 पॉजिटिव व 864 की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि 87 पॉजिटिव केस जैसलमेर ग्रामीण, 124 पॉजिटिव केस सम, 37 पॉजिटिव केस पोकरण ग्रामीण, 5 पॉजिटिव केस पोकरण शहर व 122 पॉजिटिव केस जैसलमेर शहरी क्षेत्र के हैं।
भास्कर अपील : डॉक्टरों की सलाह पर ही ऑक्सीजन प्रेशर बढ़ाया या कम किया जाना चाहिए

अस्पताल परिसर में एक दिक्कत यह आ रही है कि लोग ऑक्सीजन को लेकर ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं। जबकि वास्तविकता में उन्हें ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत नहीं है। पीएमओ डॉ. जे.आर. पंवार ने बताया कि कुछ मरीजों के परिजन स्वत: ही वॉल्व चालू करके ऑक्सीजन का लेवल व प्रेशर बढ़ा रहे हैं जिससे अन्य मरीजों को दिक्कत आ रही है।

भास्कर अपने पाठकों से अपील करता है कि इस तरह से पेनिक न लेकर धैर्य रखें। चिकित्सक जांच करके ऑक्सीजन लेवल व प्रेशर बढ़ा देंगे। चिकित्सकों के अनुसार ज्यादा ऑक्सीजन चालू कर देने से कुछ फायदा नहीं होगा, सिर्फ ऑक्सीजन वेस्ट होगी। इसलिए ऐसा कतई न करें, हो सकता है कि आपकी इस गलती से किसी की जिंदगी दांव पर लग जाए।

ऑक्सीजन के संकट के साथ बेड भी फुल हो रहे हैं
अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट है। जिससे करीब 35 से 40 मरीजों को ऑक्सीजन दी जा सकती है। जनरेशन प्लांट की सप्लाई के साथ साथ अस्पताल प्रबंधन को सिलेंडर लगाने पड़ते हैं। बीती रात प्रेशर में कमी आने दिक्कत खड़ी हो गई थी। फिलहाल 50 से ज्यादा मरीज ऑक्सीजन पर है। अस्पताल के बेड लगभग फुल हो चुके हैं। गंभीर मरीजों के अलावा कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अन्य कोविड सेंटर्स पर रखा जा रहा है।

रेफर मरीजों को जोधपुर जैसी सुविधाएं देनी होगी
पिछले दिनों कुछ केस ऐसे भी सामने आए हैं जिनकी हालत ज्यादा गंभीर थी। अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें जोधपुर जाने के लिए कहा लेकिन काफी प्रयास करने के बाद भी उन्हें जोधपुर में जगह नहीं मिली। वहां पहले से ही हालात खराब हैं। ऐसे में यहां से रेफर होने वालों को वहां पर जगह मिलना मुश्किल है। जहां हर तरफ कमी नजर आ रही है, ऐसे में हमारे अस्पताल में जोधपुर जैसी सुविधाओं की जरूरत है।

अब निजी अस्पतालों को भी तैयार रखना होगा
जैसलमेर में कुछ निजी अस्पताल भी संचालित हो रहे हैं। जहां ऑक्सीजन बेड हैं उन्हें अभी से ही तैयार रखना होगा, क्योंकि आगामी दिनों में उनकी जरूरत पड़ सकती है। अन्य निजी अस्पताल जहां ऑक्सीजन बेड नहीं है तो वहां के चिकित्सकों को कोरोना मरीजों के लिए तैनात करने की जरूरत है। किसी भवन या स्कूल में बेड लगाकर अस्पताल बनाना इतनी जल्दी संभव नहीं हो पाएगा, क्योंकि यहां चिकित्सकीय स्टाफ की भारी कमी है।

  • हमारी टीम पूरी तरह से तैयार है। ज्यादा मरीज आ रहे हैं लेकिन घबराएं नहीं। समय समय पर अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची जा रही है। आगामी दिनों में बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। ऑक्सीजन व रेमडेसिवर की उपलब्धता भी पर्याप्त बनी रहे इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। - आशीष मोदी, कलेक्टर, जैसलमेर

रोगियों के लिए सुविधाएं जुटाने में जैसलमेर सबसे आगे ऑक्सीजन सप्लाई के लिए तत्काल उपलब्ध कराए टैंकर

कोरोना महामारी के मौजूदा दौर में प्रदेश में ऑक्सीजन परिवहन के लिए जैसलमेर जिले की ओर से भी राज्य सरकार को तीन ऑक्सीजन टैंकरों की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश में ऑक्सीजन टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था मुहैया कराने की आवश्यकता के मद्देनजर कलक्टर आशीष मोदी की त्वरित पहल पर मात्र चंद घंटों में ही न केवल इन टैंकरों का प्रबंध हो गया बल्कि टैंकरों की पहुंच भी सुनिश्चित हो गई।

गौरतलब है कि प्रदेश में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पर्याप्त संख्या में टैंकरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टि से की जा रही कार्रवाई के दौरान कलेक्टर मोदी ने जैसलमेर जिले में उपलब्ध टैंकरों की जानकारी ली। इस पर सामने आया कि ऑयल इण्डिया लिमिटेड कंपनी के पास इस तरह के टैंकर उपलब्ध हैं।

इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने जैसलमेर के उपखण्ड अधिकारी रमेश सीरवी तथा जिला परिवहन अधिकारी टीकूराम को बुधवार शाम जिला मुख्यालय से 180 किमी दूर भारत पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में अवस्थित डण्डेवाला क्षेत्र में भेजा। इनके साथ रामगढ़ पुलिस की टीम भी थी। अधिकारियों ने ऑल कंपनी के प्रबंधन से टैंकरों के बारे में जानकारी ली और रात भर में टैंकरों को तकनीकी रूप से सुव्यवस्थित करवाया।

आज सुबह एस्काेर्ट के साथ भिवाड़ी के लिए किए रवाना

टैंकरों को गुरुवार सुबह वहां से पुलिस एस्कोर्ट में भिवाड़ी जिला अलवर के लिए रवाना किया। पूरी सुरक्षा के साथ कुल दो गाड़ियों में रवाना किए गए इन 3 टैंकरों में 30 मैट्रिक टन ऑक्सीजन भराव की क्षमता है। इनमें एक गाड़ी पर 20 मैट्रिक टन का एक तथा दूसरी गाड़ी पर 6 मैट्रिक टन क्षमता के दो टैंकर रवाना किए गए।

ये टैंकर भिवाड़ी के ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन भरकर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार आवश्यकता वाले स्थानों पर ऑक्सीजन पहुंचाने के काम में आएंगे। कलेक्टर ने आशीष मोदी ने इन टैंकरों से संबंधित व्यवस्थाओं को एक रात में पूर्ण कर जल्द से जल्द टैंकरों को गंतव्य स्थल भिवाड़ी रवाना करने के लिए उपखण्ड अधिकारी तथा जिला परिवहन अधिकारी एवं रामगढ़ पुलिस टीम की सराहना की है और कंपनी का आभार जताया है।

ऑक्सीजन की माॅनिटरिंग के लिए एडीएम को लगाया सहप्रभारी

​​​​​​​कलेक्टर आशीष मोदी ने एक आदेश जारी कर कोरोना संक्रमण के दौरान आक्सीजन की उपलब्धता एवं उसके युक्ति संगत उपयोग की मॉनिटरिंग के लिए एडीएम हरिसिंह मीणा को सहप्रभारी नियुक्त किया हैं। कलेक्टर द्वारा जिले में वर्तमान में हो रहे ऑक्सीजन के उपयोग की मात्रा का अंकेक्षण, समयबद्ध रूप से मांग जनरेट करने तथा निकटतम ऐसे जिले जहां पर ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाए जाने की व्यवस्था हैं, उनके प्रभारी अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने के लिए जिला कोविड प्रभारी एवं यूआईटी सचिव अनुराग भार्गव को प्रभारी अधिकारी लगाया है।

खबरें और भी हैं...