महिला सशक्तिकरण:यदि आप समय की रफ्तार के साथ नहीं चलेे तो लोगों से पिछड़ जाएंगे : कलेक्टर

जैसलमेर9 महीने पहले
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  • रूमा देवी की बेटी बचाओ व पढ़ाओ योजना के लिए कलेक्टर ने दिए चेक

रविवार को ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान के प्रांगण में ग्रामीण बालिकाओं के उत्थान के लिए दो योजनाएं योजना रक्षा एवं योजना अक्षरा लॉन्च की गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने योजनाओं के पोस्टर का विमोचन किया एवं ग्रामीण महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समय की मांग है कि बेटी को बचाना है और पढ़ाना है। यदि आप समय की धारा के साथ नहीं चलेंगे तो आप पिछड़ जाओगे।

ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में रूमा देवी का योगदान सराहनीय है और आज बेटियों को बचाने और पढ़ाने के लिए इन्होंने जो पहल की है इसका आप लोग लाभ जरुर लाभ लें। बाड़मेर की बेटियां हर क्षेत्र में आगे आकर जिले व राज्य का नाम रोशन कर रही हैं। कलेक्टर विश्रांत मीणा ने आगे सरकारी योजनाओं के बारे में महिलाओं को जानकारी दी तथा योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला कलेक्टर व रूमा देवी ने योजना रक्षा के तहत प्रेरक माताओं भंवरी देवी रावतसर, हेमी देवी लीलसर, भोमी देवी लीलसर एवं मीना देवी कोनरा को बेटी के जन्म पर दस-दस हजार रुपए के चेक दिए गए। रेखी देवी मंगले बेरी, रेखा देवी मते का तला, पार्वती देवी धनाऊ, दरिया देवी बाछड़ाऊ के प्रतिनिधियों को चेक प्रदान किए।

संस्थान अध्यक्ष रूमा देवी ने संकल्प दिलाया कि आज से बेटी के जन्म पर भी थाली बजनी चाहिए। बेटा-बेटी समानता कायम करने और समान अवसर उपलब्ध करवाने के लिए ही इन योजनाओं को शुरू किया गया है। जिसकी घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 8 मार्च को नई दिल्ली में की गई थी। संस्थान सचिव विक्रम सिंह ने बताया कि गांवों के समग्र विकास के लिए हम हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं और भविष्य में गांवों के चहुंओर विकास एवं लोक कलाकारों के लिए कई नए कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित करेंगे। महिलाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक विकास के लिए संस्थान दो दशक से भी अधिक समय से प्रयत्नशील है। इस कार्यक्रम के बाद जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने रूमा देवी क्राफ्ट सेंटर विजिट किया और बाड़मेर की कशीदाकारी की बारीकियों की जानकारी महिला हस्तशिल्पियों से संवाद कर प्राप्त की।

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