​​​​​​​अनदेखी:कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद अनदेखी, बाहरी राज्यों के लोगों की आरटीपीसीआर नहीं

जैसलमेर2 महीने पहलेलेखक: दिनेश शर्मा
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रेलवे स्टेशन पर यात्रियाें से नहीं हाेती पूछताछ। - Dainik Bhaskar
रेलवे स्टेशन पर यात्रियाें से नहीं हाेती पूछताछ।
  • बाहर से आने वाले यात्रियों से आरटीपीसीआर जांच व वैक्सीनेशन का स्टेटस भी नहीं पूछा जा रहा

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की प्रदेश में दस्तक के बाद स्वर्णनगरी में कोरोना गाइडलाइन को लेकर सख्ती बरती जा रही है और नहीं स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। शहर में देश के विभिन्न इलाकों से पर्यटक घूमने पहुंच रहे हैं, लेकिन इन पर्यटकों व बाहर से आने वाले लोगों से आरटीपीसीआर रिपोर्ट पूछने वाला कोई नहीं है। एयरपोर्ट के अलावा कहीं पर भी बाहर से आने वाले यात्रियों से आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं पूछी जा रही है। अधिकांश सैलानी रेल, बसों व निजी वाहनों से जैसलमेर पहुंच रहे है।

विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर काउंटर एवं निजी वाहनों से आने वाले यात्रियों के लिए चैक पोस्ट नहीं लगाई गई है और न ही बाहर से आने वाले लोगों से आरटीपीसीआर जांच के बारे में पूछा जा रहा है। जैसलमेर में रात को 10.15 बजे रानीखेत एक्सप्रेस पहुंचती है। इस ट्रेन से बाहरी राज्यों के लोग आ रहे है। यह ट्रेन उतराखंड, यूपी, दिल्ली व हरियाणा होते हुए राजस्थान में प्रवेश करती है। जैसलमेर आने वाली जम्मूतवी एक्सप्रेस, बीकानेर से आने वाली ट्रेन व जोधपुर जैसलमेर पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेन से आने वाले यात्रियों से कोरोना रोकथाम संबंधी पूछताछ नहीं हो रही है।

स्वर्णनगरी के भ्रमण पर आ रहे देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ों लोग

सरकारी आदेशों की खामी यह है कि सिर्फ बाहरी राज्यों से आने वालों की जांच के निर्देश है। उसमें भी सभी की जांच नहीं हो रही है। इसके अलावा यदि कोई ट्रेन में जयपुर, जोधपुर या राजस्थान के किसी राज्य से आया है तो उसके बारे में कोई नहीं पूछता है। चाहे वह कुछ दिन पहले ही कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात व महाराष्ट्र सहित किसी अन्य राज्य से राजस्थान में आया हो। जैसलमेर में प्रदेश के कई जिलों से रोजाना 50 से अधिक बसें आती है, इनमें आने वाले यात्रियों की जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चाहे बसों में कोई भी आ जाए उससे जिम्मेदारों को कोई मतलब नहीं है।

जांच के लिए चैक पोस्ट नहीं

जैसलमेर पर्यटन नगरी है। यहां पर सालाना लाखों पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। अभी प्रतिदिन सैकड़ों सैलानी घूमने के लिए आ रहे है। यह सिलसिला फरवरी तक ऐसे ही जारी रहेगा। इस बीच काेरोना के नए वैरिएंट ने दहशत फैला दी है। निजी वाहनों से जैसलमेर आने वाले यात्रियों की जांच के लिए जैसलमेर सीमा पर चैक पोस्ट लगाकर आरपीसीआर रिपोर्ट व वैक्सीनेशन की स्थिति की जांच करने के साथ ही स्क्रीनिंग करने की जरुरत है।

अब तक 85% वैक्सीनेशन

कोरोना से निपटने के लिए वैक्सीनेशन ही कामयाब हथियार है। जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी चल रही है। अभी तक 85 प्रतिशत लोगों के प्रथम डोज लगाई जा चुकी है। लेकिन चिंता जनक स्थिति यह है कि दूसरी डोज मात्र 55 प्रतिशत लोगों के ही लगी है। 15 प्रतिशत लोगों के पहली डोज भी नहीं लगी है। वैक्सीनेशन को लेकर लोग लापरवाही बरत रहे है। 45 प्रतिशत लोगों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है। अगर ऐसी ही लापरवाही रही तो हालात कोरोना की पहली व दूसरी लहर जैसे होने की संभावना है।

लापरवाही भारी न पड़ जाए

प्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मरीज सामने आए है। देशभर में कोरोना के नए वैरिएंट को फैलने से रोकने के लिए प्रयास शुरू हो चुके हैं, सरकारें भी सजग है। लेकिन जैसलमेर के जिम्मेदारों की लापरवाही भारी पड़ सकती है। यहां बाहर से आने वालों का स्टेटस नहीं पूछा जा रहा है।

शहर में रैंडम सैंपलिंग शुरु कर दी गई। इसके लिए दो टीमें लगाई गई है। बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए होटल संचालकों को निर्देश दिए गए है। होटल संचालकों को कहा गया है कि जो भी आए उसकी 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर जांच होनी जरुरी है। निर्देश दिए गए है कि गेस्ट के वैक्सीनेशन का पता करें, दोनों डोज लगी हुई होना जरुरी है। -डॉ. कुणाल साहू, सीएमएचओ, जैसलमेर।

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