70 लाख के गबन का आरोपी गिरफ्तार:कनोई जीएसएस में नरेश कुमार ने फर्जी हस्ताक्षर से उठाए थे 70 लाख; अन्य आरोपी शिकंजे से दूर

जैसलमेर5 महीने पहले
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प्रधान कार्यालय

दी जैसलमेर सेंट्रल को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड के तहत कनोई ग्राम सहकारी समिति में हुए 70 लाख के गड़बड़झाले के आरोपी व्यवस्थापक नरेश कुमार को सम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नरेश कुमार प्रजापत पर आरोप है कि उसने व 3 अन्य लोगों ने पिछले साल फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से फर्जीवाड़ा करके करीब 70 लाख रुपए का गबन कर लिया।

कनोई ग्राम सहकारी समिति के अध्यक्ष रोजे खान ने सम थाने में इस गबन की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। करीब 2 महीने बीत जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जबकि गबन के मामले में तीन अन्य आरोपी दी जैसलमेर सेंट्रल को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड के तत्कालीन MD जगदीश सुथार, चांधन ब्रांच मैनेजर व कैशियर अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए है। सम थानाधिकारी दलपत चौधरी ने बताया कि इस मामले में हमने मुख्य आरोपी नरेश कुमार प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया है तथा इससे पूछताछ जारी है। अन्य आरोपियों के बारे में भी पूछताछ जारी है और जो भी इस गबन के मामले में शामिल होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा।

सम थाना
सम थाना

क्या है मामला

कनोई ग्राम सहकारी समिति के अध्यक्ष रोजे खान ने बताया कि साल 2020 में कनोई जीएसएस में 3 लोगों ने मिलकर व्यवस्थापक के जरिए उसके फर्जी हस्ताक्षर करके चेक के माध्यम से 70 लाख रुपए का गबन किया है। गबन के मामले में सरकारी जांच भी हो चुकी है और उसमे भी ये सामने आया है कि इन चारों ने फर्जी तरीके से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। रोजे खान ने बताया कि राजस्थान सरकार के आदेश थे की सोसायटी में किसानों का लोन क्लेम का पैसा आया है उसे ऑनलाइन किसानों के खातों में देना था, लेकिन एमडी जगदीश सुथार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सेवा समाप्त किए गए व्यवस्थापक को 70 लाख का भुगतान नियम के खिलाफ किया। वहीं कनोई सोसाइटी का खाता जैसलमेर शाखा में है परंतु नियमों के विरूद्ध से भुगतान चांधन ब्रांच से किया गया। इस प्रकार किसानों के क्लेम की 70 लाख रुपए की राशि का गबन किया गया।

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