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शिक्षा में नवाचार:काेरानाकाल से उभारने और भविष्य संवारने के लिए कॉलेज शिक्षा विभाग शुरू करेगा ज्ञानदूत कार्यक्रम

जैसलमेर22 दिन पहले
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  • सात जून तक होगा शिक्षक पंजीकरण और विद्यार्थियों का पंजीकरण 3 जून से होगा शुरू

कोरोना काल में सभी कॉलेजों में अप्रैल से पढ़ाई ठप है और परीक्षा को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। वहीं विद्यार्थियों के इस वातावरण काे दूर करने के लिए राज्य के काॅलेज शिक्षा विभाग ने ज्ञानदूत कार्यक्रम आरंभ किया है। काॅलेज शिक्षा आयुक्त संदेश नायक ने बताया कि इस कार्यक्रम को पूर्णतः निशुल्क आधार पर विद्यार्थियों के लिए शुरु किया गया है, जिसमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों की सीमित ऑनलाइन-लाइव कक्षाएं आयोजित करवाई जायेगी।

काॅलेज में ग्रीष्मावकाश है और इसीलिये शिक्षकों से इस कार्यक्रम में वाॅलियन्टर आधार पर जुड़ने का विकल्प रखा है और वे स्वैच्छिक आधार पर अपनी सेवाएं दे सकेंगे। जो 7 जुलाई तक अपना आवेदन कर सकते हैं।

विद्यार्थियों की पंजीकरण प्रक्रिया 3 जून से होगी शुरू
शिक्षक पंजीकरण के बाद संचालित विषयवार कक्षाएं संचालित करवाई जाएगी। इस योजना में विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 3 जून से शुरु की जायेगी। राज्य में विश्वविद्यालयी शिक्षा में पढ़ने वाले सभी विषय संवर्ग के इच्छुक विद्यार्थी इन योजना का लाभ ले सकेंगें। ऑनलाइन लाइव कक्षाओं का संचालन लाइव स्ट्रीमिंग द्वारा करवाया जायेगा। योजना की आयुक्तालय स्तर पर मानिटरिंग का दायित्व नवाचार एवं काैशल विकास प्रकोष्ठ को दिया गया है तथा दैनिक सत्रवार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये गये है।

ज्ञानदूत कार्यक्रम का ऐसे होगा आयोजन

महामारी की परिस्थितियों में विद्यार्थी भी अपने घरों में कैद होकर रह गये हैं। ऐसे में किसी शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए पढ़ाने के लिए तैयार होना निसंदेह ज्ञानदूत का कार्य होगा। इसलिए इस योजना का नाम ज्ञानदूत कार्यक्रम रखा गया। शिक्षा विभाग के आयुक्त संदेश नायक ने जानकारी दी कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर प्रत्येक विषय में 20-20 ऐसी महत्वपूर्ण विषय वस्तु, जो कि उस विषय के मुख्य बिंदू है तथा परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

उनको चिन्हित कर उन पर व्याख्यान होंगे। यह कार्यक्रम 9 जून से आरंभ होकर 31 जुलाई तक आयोजित होगा। साथ ही विद्यार्थियों की मांग के अनुसार व्याख्यानों की संख्या में 10-15 व्याख्यानों की अभिवृद्धि का प्रावधान भी रखा गया है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों का ध्यान सकारात्मकता, सृजनात्मकता एवं उद्देश्यपरकता से जोड़ा जाएगा।

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