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गिरोह सक्रिय:संशोधित विधेयक में अब दूसरी बार पकड़े जाने पर, लपकों पर गैर जमानती धारा लगेगी

जैसलमेर2 दिन पहले
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ऐसे सड़कों पर घूमते रहते लपकें (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
ऐसे सड़कों पर घूमते रहते लपकें (फाइल फोटो)
  • स्वर्णनगरी में लपका गिरोह सक्रिय, पकड़े जाने पर जमानत पर छूट जाते

स्वर्णनगरी में लगातार पर्यटकों को परेशान करने वाली घटनाएं सामने आ रही है। पुलिस चाहकर भी लपकों पर लगाम नहीं कस पा रही है, वजह उनके खिलाफ लगने वाली धारा में सख्ती नहीं होना और हाथों हाथ जमानत हो जाना। ऐसे में अब विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित किया गया है। इसमें पहली बार जमानती और दूसरी बार पकड़े जाने पर गैर जमानती धारा लगेगी। अब उम्मीद है कि लपकों को पुलिस आसानी से कंट्रोल कर पाएगी।

जानकारी के अनुसार इस संशोधन के बाद पर्यटकों से दुर्व्यवहार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सकेगी। अब यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आ गया है। पर्यटन राज्यमंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने एक दिन पहले सदन में विधेयक प्रस्तुत करते हुए कहा था कि इस संशोधन में धारा 27-क जोड़ा गया है। वहीं धारा 13 की उपधारा 3 में अपराध की पुनरावृति होने पर धारा 13 की उपधारा 4 में यह गैर जमानतीय होगा। गौरतलब है कि वर्तमान में जैसलमेर में लपकों को धारा 13 की उपधारा 1 व 2 में पकड़ा जाता है।

जैसलमेर के पर्यटन के लिए लपके नासूर बन चुके हैं। पिछले 10 सालों से लगातार इनकी तादाद में इजाफा हो रहा है। शुरूआत में ये विदेशी सैलानियों को तंग करते थे। इसी वजह से ही जैसलमेर में विदेशी सैलानियों की आवक कम हो गई थी। इतना ही नहीं विदेशी गाइड बुक्स ने इस बारे में कई बार लिखा जिससे जैसलमेर की छवि खराब हो गई। जोधपुर व बाड़मेर रोड पर लपकों की गैंग हमेशा तैनात रहती है। बाहरी गाड़ी के आने पर उसका पीछा किया जाता है, पूरे रास्ते लापरवाही से बाइक चलाते हुए सैलानियों को परेशान करते हैं। जब कोई सैलानी इनके हाथ नहीं लगते और इनके जाल में नहीं फंसते तब उनके साथ गाली गलौच व दुर्व्यवहार तक किया जाता है। सैलानी किसी परेशानी से बचने के लिए पुलिस तक नहीं पहुंचते। इसके अलावा सम रोड व सम के धोरों पर भी सैलानियों के साथ कई बार दुर्व्यवहार होता है।

ऐसी यादें लेकर जा रहे हैं सैलानी

पिछले दिनों जैसलमेर भ्रमण पर आए कुलदीप पांचाल ने यहां से जाने के बाद अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि लोग अपने अच्छे अनुभव बताते हैं और मैं मेरे साथ जैसलमेर में हुए गलत अनुभव बता रहा हूं। उन्होंने लिखा कि मैं जैसे ही जैसलमेर में दाखिल हुआ वहां दोपहिया वाहन वालों ने घेर लिया और जबरदस्ती होटल लेने के लिए विवश करने लगे, मैंने लाख मना किया और गाड़ी वहां से भगा ली पर उसने मेरा तब तक पीछा किया जब तक पुलिस स्टेशन न पहुंच गया। सम की ओर निकल पड़े वहां भी यही हुआ। आखिर पर्यटक कब तक ऐसे लोगों से परेशान होते रहेंगे।

पुलिस लपकों के खिलाफ करेगी कार्रवाई

लपकों के लिए जमानती धारा होने के चलते लपके आसानी से छूट जाते थे। इस बार एसपी डॉ. अजयसिंह ने लपके के साथ होटल संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई करनी शुरू की है। यह सब प्रयास इसलिए कि कैसे भी करके लपकों को रोका जा सके। लेकिन अब संशोधन विधेयक पारित हो जाने से पुलिस आसानी से लपकों पर कंट्रोल कर सकेगी।

  • हर साल 8-10 लाख सैलानी आते हैं।
  • 300 से ज्यादा होटलें और 100 से अधिक रिसोर्ट।
  • जैसलमेर में 2 से 3 दिन ठहरते हैं सैलानी।
  • पर्यटन से 500 करोड़ से ज्यादा टर्न ओवर।
  • 50 हजार से ज्यादा लोग डायरेक्ट व इनडायेक्ट रूप से जुडे हैं पर्यटन से।
  • लपकों की वजह से विदेशी सैलानियों की आवक 3 साल पहले एकाएक गिर गई थी।
  • जैसलमेर में 100 से ज्यादा लपके सक्रिय।
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