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जैसलमेर में पांव पसारता डेंगू:कोरोना की आशंका के बीच लगातार बढ़ते मरीज चिंता का विषय, मच्छरों की रोकथाम के लिए फोगिंग में जुटी नगर परिषद

जैसलमेर9 दिन पहले
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सीएमएचओ ऑफिस। - Dainik Bhaskar
सीएमएचओ ऑफिस।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच जैसलमेर में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीज से चिंता बढ़ने लगी है। अगस्त महीने से लगातार डेंगू के पॉजिटिव मरीज सामने आ गए है। हालांकि कोरोना का असर तो काफी हद तक कम हो चुका है लेकिन अब डेंगू अपने पांव पसार रहा है। जैसलमेर में अगस्त महीने से डेंगू मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सरकारी हॉस्पिटल में रोज 4-5 मरीज आ रहे हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। जिला मुख्यालय के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के पीएमओ (प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर) डॉ. जे आर पंवार ने बताया कि बरसात के बाद से मौसमी बीमारियों के मरीज आने के साथ ही मलेरिया व डेंगू के मरीज भी आ रहे हैं।

शहर में उगी बबूल की झाड़ियां।
शहर में उगी बबूल की झाड़ियां।

850 मरीजों की आ रही ओपीडी
डॉ जे आर पंवार ने बताया की इन दिनों जवाहर अस्पताल में करीब 850 मरीज मौसमी बीमारियों व अन्य बीमारियों की वजह से आ रहे हैं। उनमे से 4-5 मरीज डेंगू के मरीज भी हमारे यहां एडमिट है। वहीं अगर बात करें निजी अस्पतालों की तो वहां भी हालात ऐसे ही हैं। रोज 4 से लेकर 6 मरीज अलग-अलग निजी अस्पताल में जा रहा है।

सरकारी व निजी आंकड़ों में अंतर
शहर के एक निजी अस्पताल में पिछले अगस्त महीने से सितंबर 11 तारीख तक करीब 77 डेंगू के व 41 मरीज मलेरिया के मिले हैं। वहीं सरकारी आंकड़ों में अगस्त महीने में डेंगू के केवल 12 और मलेरिया के 47 मरीज सामने आए। वहीं सितंबर महीने में डेंगू के 30 मरीज व मलेरिया के 34 मरीज सामने आए हैं। जैसलमेर के कई ऐसे भी मरीज है जो इलाज के लिए सीधे जोधपुर जा रहे है। जिससे वे मरीज भी आंकड़ों में शामिल नहीं हो रहे है।

हर जगह बबूल ही बबूल
हर जगह बबूल ही बबूल

शहर में जगह-जगह बबूल के पेड़
शहर में जगह-जगह बबूल उगने से मच्छरों को पनपने की जगह मिल गई है। कच्ची बस्तियों से लेकर शहर में सूली डूंगरी तक हर जगह बबूल ही बबूल नजर आते हैं। बरसात के बाद से इनके हरे भरे और ज्यादा बड़े होने से इनमें मच्छर पनपने लगे हैं। मच्छरों की वजह से बीमारियां बढ़ने लगी है, लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। नगर परिषद अगर गंभीर होकर बबूल के पेड़ों को कटवा दे तो आधे से ज्यादा मच्छरों के पनपने की जगह ही खत्म हो जाए।

मच्छरों को रोकने के लिए फोगिंग का कार्य
मच्छरों को रोकने के लिए फोगिंग का कार्य

फोगिंग जारी, बबूल जल्द ही कटवाएंगे
नगर परिषद सभापति शशिकांत शर्मा का कहना है कि शहर में बारिश के बाद से मच्छरों को मारने के लिए हमने फोगिंग का कार्य करवा रखा है। रोज हमारी गाड़ी शहर के विभिन्न मोहल्लों में जाकर फोगिंग का काम निरंतर कर रही है। उन्होंने बबूल कि झाड़ियों को लेकर बताया कि हम हर बार शहर के आसपास व कच्ची बस्तियों में उग आए बबूल व झाड़ियों को कटवाते रहते हैं। जहां भी बबूल की झाड़ियां नजर आ रही है, वहां टीम को भेजकर कटवाया जा रहा है।

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