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प्रेम नहीं छोड़ा:जसवंत सिंह की खासियत थी कि अपनी माटी से प्रेम नहीं छोड़ा: डॉ. जालम सिंह

जैसलमेर8 महीने पहले
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  • राजपूत सेवा समिति के तत्वाधान में जसोल को दी श्रद्धांजलि, रखा मौन

राजपूत सेवा समिति के तत्वाधान में बुधवार को जवाहर राजपूत छात्रावास में स्वर्गीय जसवंत सिंह जसोल को श्रद्धांजलि दी गई। जवाहर राजपूत छात्रावास प्रांगण में आयोजित शोक सभा में जैसलमेर के पूर्व युवराज चैतन्यराजसिंह, सेवा समिति कार्यकारी अध्यक्ष दुष्यंतसिंह, पूर्व विधायक डॉ जितेंद्रसिंह, पूर्व विधायक जालम सिंह व पूर्व विधायक छोटू सिंह सहित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में श्रद्धांजलि सभा के प्रारंभ में स्वर्गीय जसवंत सिंह के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि दी गई। समिति सचिव सवाईसिंह देवड़ा ने जसोल का परिचय व प्रसंग सुनाएं तथा छात्रावास में उनके द्वारा दिए गए योगदान को याद किया। युवा नेता नरेंद्रसिंह बैरसियाला व हाथीसिंह मूलाना द्वारा जसोल के व्यक्तित्व व राजनीतिक उपलब्धियों के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला गया। पूर्व विधायक छोटू सिंह ने जसोल को संसार का सबसे श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ बताया।

डॉ जालम सिंह ने जसवंत सिंह के प्रांतिक जीवन के कई प्रसंग सुनाए। उन्हें अपना हमेशा मददगार बताया और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेता होते हुए भी स्थानीय लोगों से बोलचाल की भाषा में मिलना और बात करना उनकी विशेषता बताई। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी खासियत यहीं थी कि उन्होंने अपनी माटी से प्रेम करना नहीं छोड़ा। इसी तरह पूर्व विधायक जितेंद्रसिंह ने उनके राजनीतिक जीवन के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व इतना विलक्षण था कि विपक्ष भी उनका बड़ा सम्मान करते थे, जितनी पकड़ उनकी हिंदी में थी उतनी ही अंग्रेजी में थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मारवाड़ी को हमेशा महत्व दिया। युवराज चैतन्यराजसिंह व कार्यकारी अध्यक्ष दुष्यंतसिंह ने जसोल के व्यापक जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। हिंदूसिंह म्याजलार ने बताया कि श्रद्धांजलि सभा में 2 मिनट का मौन धारण कर जसोल को श्रद्धांजलि अर्पित की ।

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