मानसून / कमजोर पड़ा मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह में देगा दस्तक

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  • अरब सागर में उठे मानसून तंत्र ने रास्ता बदला, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बदली हवा

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:04 AM IST

जैसलमेर. पूर्वी राजस्थान में दस्तक देने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया। जैसलमेर व बाड़मेर में मानसून की पहली बारिश का बेसब्री से इंतजार है। अरब सागर में उठे मानसून तंत्र ने रास्ता बदल दिया है। इस वजह से जिले में जुलाई के पहले सप्ताह तक बारिश की संभावना है। हालांकि जिले में प्री-मानसून की सवा सौ मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।

वहीं मानसून के एक सप्ताह देरी से आने के पीछे इस साल बार बार पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना और उससे हवा की दिशा में बार बार बदलाव आना रहा है। साथ ही पिछले दिनों निसर्ग समुद्री तूफान के कारण में भी मौसम में आए बदलाव के कारण मानसून के आने में देरी हुई है। अभी तक पूर्वी राजस्थान में भी पूरी तरह से मानसून सक्रिय नहीं हुआ है।

इधर, मानसून में देरी से तापमान में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। मौजूदा समय में तापमान में गर्मी और उमस का असर अधिक है और आद्रता 75 प्रतिशत तक बनी हुई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 41.8 और न्यूनतम 29.8 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार को भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।

तापमान स्थिर, कम नहीं हाे रही है गर्मी

जैसलमेर में गर्मी का असर कम होता नहीं दिखाई दे रहा है हालांकि पारा भी स्थिर है। पिछले दिनों पारा 47 के पार पहुंचने के बाद पारे में लगातार गिरावट हो रही है लेकिन पिछले कुछ दिनों से पारा स्थिर होने के साथ ही गर्मी के सितम से भी निजात नहीं मिल रही है। दोपहर के समय लू के थपेड़ों के कारण लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है।

वहीं शाम तक उमस का असर बरकरार रहता है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री व न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि तापमान कम हुआ है लेकिन इसके बावजूद जैसलमेर में इन दिनों गर्मी अधिक है। दोपहर में सड़कें तवे की तरह तप रही है। वहीं आसमान भी आग बरसा रहा है।

अनलॉक होने से सुबह व शाम को बाजार में भीड़ दिखाई दे रही है लेकिन दोपहर के समय कर्फ्यू का अहसास होता है। गर्मी के इस मौसम में लोग शीतल पेय पर जोर दे रहे है। गर्मी का प्रकोप भी इतना है कि रात के समय भी निजात नहीं मिल पा रही है। तेज गर्मी के प्रकोप से घरों में लगे कूलर भी फेल हो गए है।

इस बार दो जुलाई से धमाकेदार एंट्री की संभावना
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जहां मानसून के आने में एक सप्ताह की देरी हुई है। वहीं अब दो जुलाई से मानसून के पूर्वी राजस्थान के जिले में सक्रिय होने की संभावना है। पिछले तीस में से बीस साल ऐसे हैं कि उन सालों में जून में नहीं और जुलाई में बारिश का दौर शुरू हुआ है।

जब-जब जुलाई में बारिश का और बुवाई का दौर शुरू हुआ है तो वे साल बारिश और फसल पैदावार की दृष्टि से काफी अच्छे रहे हैं। खरीफ की सीजन ही जुलाई में शुरू होती है। ऐसे में किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।

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