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प्री-मानसून की दस्तक:सुबह की शुरुआत बारिश से, शहर में 13 एमएम बरसा पानी, गांवों में मूसलाधार

जैसलमेरएक महीने पहले
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  • शहर व गांवों में अच्छी बारिश से किसानों को राहत, खरीफ की बुवाई होगी शुरू

जिले भर में बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को आए तूफान के बाद बुधवार को दिन भर उमस ने बेहाल किए रखा। वहीं गुरुवार सुबह एकाएक मौसम बदला और जिले भर में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। जैसलमेर शहर में करीब साढ़े पांच बजे तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश का दौर शुरू हाे गया। करीब ढाई घंटे तक रुक रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान 13 मिमी बरसात रिकार्ड की गई। शहर की सड़कें तरबतर हो गई और ठंडी हवा चलने से मौसम सुहाना हो गया।

दोपहर 12 बजे तक मौसम में खुशगवार रहा और उसके बाद तेज धूप के साथ उमस ने बेहाल किए रखा। इस बार पिछले एक माह से रुक रुक बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि तूफान की वजह से नुकसान भी भारी हुआ है लेकिन गुरुवार को हुई बारिश के साथ तूफान नहीं आने से किसानों ने राहत की सांस ली। यह बारिश किसानों के लिए काफी सुखद रही और अब किसान अपने खेतों में बुवाई के लिए जुट गए हैं। नोख उपतहसील क्षेत्र के टावरीवाला ग्राम पंचायत के 74 सीडब्ल्यूबी, 5 जेडब्लूडी में बुधवार की शाम को आए तूफान के कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। जिसके चलते सिंचाई के लिए लगाई सोलर सिस्टम टूटने की घटनाएं सामने आई। किसान मनोहरसिंह ने बताया कि तेज हवा तूफान के कारण उनके खेत में लगी सोलर प्लेटें हवा में उड़कर दूसरे खेत में जाकर गिर गई।जिससे किसानों को लाखों रुपए की लागत से लगे सोलर सिस्टम टूट गई।

गर्मी के बाद बारिश से मौसम में ठंडक घुली

पोकरण क्षेत्र में गुरुवार की अलसुबह से ही आसमान में छाए बादलों के साथ ही सुबह बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब आधे घंटे तक जारी रहा। जिसके कारण सुबह से ही मौसम सुहावना हो गया। वहीं स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत मिली। लेकिन आसमान में दिनभर बादलों की आवाजाही के चलते उमस बढ़ गई। जिसके कारण लोगों को गर्मी में पसीना और उमस के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।

दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही के चलते लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। गुरुवार को सुबह आसमान में छाए काले बादलों के साथ ही बारिश का दौर चला। सुबह लगभग आधा घंटा चला बारिश के दौर के कारण स्थानीय लोगों को राहत मिली। वहीं सूर्य देवता के साथ ही आसमान में बादलों की आवाजाही रही। जिसके कारण उमस का दौर शुरू हुआ।

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